जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत

Jean Piaget’s Cognitive Development Theory-पियाजे का मूल सिद्धांत: संज्ञानात्मक विकास क्या है?

जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत

जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत: बच्चों के सीखने की प्रक्रिया का सफर

क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटा बच्चा दुनिया को कैसे समझता है? क्यों एक 2 साल का बच्चा लुका-छिपी के खेल में खुद को बस आँखें बंद करके ‘छिपा’ हुआ मान लेता है? स्विट्जरलैंड के मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) ने इन सवालों के जवाब खोजने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

पियाजे का मानना था कि बच्चे ‘नन्हें वैज्ञानिक’ होते हैं। वे बड़ों से कम नहीं सोचते, बल्कि वे बड़ों से अलग सोचते हैं।

पियाजे स्विस मनोवैज्ञानिक थे। उनका मानना था कि बच्चे सक्रिय रूप से ज्ञान बनाते हैं, न कि निष्क्रिय तरीके से ग्रहण करते। विकास आंतरिक होता है, बाहरी उत्तेजना से नहीं। मुख्य अवधारणाएँ:

  • स्कीमा (Schema): ज्ञान की मूल इकाई। जैसे, बच्चे का “कुत्ता” का स्कीमा।
  • असिमिलेशन (Assimilation/समाकलन): नई जानकारी को मौजूदा स्कीमा में फिट करना। कीवर्ड: Accumulation (जमा करना)।
  • एकोमोडेशन (Accommodation/समायोजन): स्कीमा को बदलना नई जानकारी के लिए।
  • इक्विलिब्रिएशन (Equilibration/संतुलन): असिमिलेशन और एकोमोडेशन का संतुलन। असंतुलन (disequilibrium) से नया संतुलन बनता है।
  • अन्य कीवर्ड्स: ऑब्जेक्ट परमानेंस (Object Permanence), कंजर्वेशन (Conservation), सेंटरिक (Egocentric), रिवर्सिबिलिटी (Reversibility), ऑपरेशन (Operations)।

उदाहरण: बच्चा कुत्ते को देखकर “बिल्ली” समझ ले (assimilation)। फिर बिल्ली देखकर फर्क समझे (accommodation)। संतुलन बन जाए (equilibration)।

चार मुख्य चरण (Stages): पूरा वर्णन + उदाहरण + CTET टिप्स

पियाजे के अनुसार विकास चार सार्वभौमिक चरणों में होता है। उम्र लगभग होती है, लेकिन लचीली। CTET में हर चरण से 2-3 प्रश्न आते हैं।

  1. सेंसरिमोटर चरण (Sensorimotor Stage: 0-2 वर्ष)
    बच्चा इंद्रियों और मोटर क्रियाओं से सीखता।
    • विशेषता: ऑब्जेक्ट परमानेंस विकसित होता (चीजें आँखों से ओझल होने पर भी मौजूद)। कोई भाषा नहीं, ट्रायल-एंड-एरर।
    • उप-चरण: 6 सब-स्टेज (जैसे reflexive, circular reactions)।
    • उदाहरण: बच्चा खिलौना छुपाओ तो ढूँढता नहीं (कोई परमानेंस नहीं)। बाद में ढूँढ लेता।
    • CTET प्रश्न: “2 वर्ष का बच्चा ऑब्जेक्ट परमानेंस समझता है?” (हाँ)।
  2. पूर्व-ऑपरेशनल चरण (Preoperational Stage: 2-7 वर्ष)
    प्रतीकात्मक सोच शुरू, लेकिन एगोसेंट्रिक (स्वार्थी दृष्टि)।
    • विशेषता: भाषा, कल्पना विकसित। लेकिन कंजर्वेशन नहीं (मात्रा स्थिर रहती), सेंट्रीसिटी (एक आयाम सोचना), इररिवर्सिबिलिटी।
    • उदाहरण: दो गिलास में बराबर पानी। एक को लंबा गिलास में डालो – बच्चा कहेगा लंबे में ज्यादा (no conservation)।
    • CTET प्रश्न: “5 वर्ष का बच्चा एगोसेंट्रिक होता है?” (हाँ)।
  3. कंक्रीट ऑपरेशनल चरण (Concrete Operational Stage: 7-11 वर्ष)
    तार्किक सोच, लेकिन कंक्रीट चीजों पर।
    • विशेषता: कंजर्वेशन, रिवर्सिबिलिटी, डिक्लासिफिकेशन (समूह बनाना), सीरिएशन (क्रमबद्धता)। एगोसेंट्रिज्म कम।
    • उदाहरण: मिट्टी की गोली लंबी करो – बच्चा कहेगा मात्रा वही (conservation समझा)।
    • CTET प्रश्न: “9 वर्ष का बच्चा कंजर्वेशन समझता है?” (हाँ)।
  4. फॉर्मल ऑपरेशनल चरण (Formal Operational Stage: 11+ वर्ष)
    अमूर्त और काल्पनिक सोच।
    • विशेषता: हाइपोथेटिकल सोच, डिडक्टिव रीजनिंग, नैतिक दुविधाएँ। सभी देशों में नहीं पूर्ण विकसित।
    • उदाहरण: “अगर सब हवा उड़ने लगे तो?” – बच्चा कारण सोचेगा।
    • CTET प्रश्न: “किशोर अमूर्त सोच सकता है?” (हाँ)।

📘 Jean Piaget’s Cognitive Development Theory-Jean Piaget का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत

(CTET / CDP / State TET के लिए Complete Notes)

🔴 परीक्षा महत्व

CTET व State TET में पियाजे से हर वर्ष 3–5 प्रश्न पूछे जाते हैं
➡ सीधे, कथन-कारण, उदाहरण आधारित या अवस्था पहचान


👤 पियाजे कौन थे?

Jean Piaget (जीन पियाजे)

  • जन्म: 1896
  • देश: स्विट्ज़रलैंड
  • क्षेत्र: संज्ञानात्मक विकास मनोविज्ञान

👉 उन्होंने बताया कि बच्चा कैसे सोचता है, न कि कितना जानता है


📌 पियाजे का मूल कथन

CHILD IS AN ACTIVE LEARNER

  • बच्चा सक्रिय शिक्षार्थी होता है
  • बच्चा ज्ञान को खुद बनाता है
  • शिक्षक की भूमिका → मार्गदर्शक (Facilitator)

👉 यह सिद्धांत रचनावाद (Constructivism) पर आधारित है


🧠 Jean Piaget’s Cognitive Development Theory-संज्ञानात्मक विकास का अर्थ

Cognitive Development का अर्थ है—

  • सोचने की क्षमता
  • तर्क करने की क्षमता
  • निर्णय लेने की क्षमता
  • समस्या समाधान की क्षमता

👉 CHILD LEARNS BY DOING AND EXPERIENCING

COGNITIVE DEVELOPMENT MEANS THE DEVELOPMENT OF THINKING, REASONING AND PROBLEM SOLVING ABILITY

👉 यानी सोचने, समझने, तर्क करने और समस्या हल करने की क्षमता का विकास।

संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) का अर्थ है:
सोचने, समझने, तर्क करने, निर्णय लेने और समस्या हल करने की क्षमता का विकास।

पियाजे का सिद्धांत यह सिखाता है कि
CHILD LEARNS BY DOING AND EXPERIENCING
इसलिए शिक्षक को बच्चे को खोजने, प्रयोग करने और सोचने के अवसर देने चाहिए।



🔑 Jean Piaget’s Cognitive Development Theory-पियाजे की चार मूल अवधारणाएँ

1️⃣ स्कीमा (Schema)

स्कीमा (Schema) = मानसिक संरचना या ढाँचा

SCHEMA IS A MENTAL STRUCTURE OR FRAMEWORK

👉 स्कीमा बच्चे के दिमाग में बनी जानकारी की संरचना है।

उदाहरण:
अगर बच्चा कहता है कि “चार पहिए वाली हर चीज़ गाड़ी है”, तो यह उसका स्कीमा है।



2️⃣ आत्मसात (Assimilation)

  • नई जानकारी को पुराने स्कीमा में जोड़ना

आत्मसात करना (Assimilation) = नई जानकारी को पुराने ज्ञान में जोड़ना

👉 बच्चा नई चीज़ को पुराने स्कीमा में फिट करता है।

ASSIMILATION MEANS ADDING NEW INFORMATION TO EXISTING SCHEMA

👉 नई जानकारी को पुराने ज्ञान में जोड़ना।

उदाहरण:
बच्चा पहले से जानता है कि कुत्ता जानवर है। जब वह बिल्ली देखता है और उसे भी जानवर कहता है — यह Assimilation है।

पहले से कुत्ता जानता है, बिल्ली को भी कुत्ता समझ लेना।


3️⃣ समायोजन (Accommodation)

समायोजन (Accommodation) = पुराने ज्ञान में बदलाव करना

👉 जब पुराना स्कीमा काम नहीं करता, तो बच्चा नया स्कीमा बनाता है।

ACCOMMODATION

ACCOMMODATION MEANS CHANGING THE SCHEMA ACCORDING TO NEW INFORMATION

👉 नई जानकारी के अनुसार पुराने ज्ञान में बदलाव।

उदाहरण:
जब बच्चा समझता है कि बिल्ली और कुत्ता अलग-अलग होते हैं — यह Accommodation है।

उदाहरण:
बच्चा समझता है कि कुत्ता और बिल्ली अलग होते हैं।

  • पुराने स्कीमा में बदलाव करना

4️⃣ संतुलन (Equilibration)

संतुलन (Equilibration) = आत्मसात + समायोजन के बीच संतुलन

👉 सीखने की पूरी प्रक्रिया इसी पर आधारित है।

EQUILIBRATION

EQUILIBRATION IS THE BALANCE BETWEEN ASSIMILATION AND ACCOMMODATION

👉 सीखने की प्रक्रिया में संतुलन।उदाहरण:
बच्चा पहले भ्रमित होता है, फिर सही समझ बनती है — यही Equilibration है

  • आत्मसात + समायोजन के बीच संतुलन
  • यही सीखने की प्रक्रिया है

🧩 पियाजे की चार अवस्थाएँ (Stages)

पियाजे का मूल सिद्धांत: संज्ञानात्मक विकास क्या है?

पियाजे स्विस मनोवैज्ञानिक थे। उनका मानना था कि बच्चे सक्रिय रूप से ज्ञान बनाते हैं, न कि निष्क्रिय तरीके से ग्रहण करते। विकास आंतरिक होता है, बाहरी उत्तेजना से नहीं। मुख्य अवधारणाएँ:

  • स्कीमा (Schema): ज्ञान की मूल इकाई। जैसे, बच्चे का “कुत्ता” का स्कीमा।
  • असिमिलेशन (Assimilation/समाकलन): नई जानकारी को मौजूदा स्कीमा में फिट करना। कीवर्ड: Accumulation (जमा करना)।
  • एकोमोडेशन (Accommodation/समायोजन): स्कीमा को बदलना नई जानकारी के लिए।
  • इक्विलिब्रिएशन (Equilibration/संतुलन): असिमिलेशन और एकोमोडेशन का संतुलन। असंतुलन (disequilibrium) से नया संतुलन बनता है।
  • अन्य कीवर्ड्स: ऑब्जेक्ट परमानेंस (Object Permanence), कंजर्वेशन (Conservation), सेंटरिक (Egocentric), रिवर्सिबिलिटी (Reversibility), ऑपरेशन (Operations)।

उदाहरण: बच्चा कुत्ते को देखकर “बिल्ली” समझ ले (assimilation)। फिर बिल्ली देखकर फर्क समझे (accommodation)। संतुलन बन जाए (equilibration)।

चार मुख्य चरण (Stages): पूरा वर्णन + उदाहरण + CTET टिप्स

पियाजे के अनुसार विकास चार सार्वभौमिक चरणों में होता है। उम्र लगभग होती है, लेकिन लचीली। CTET में हर चरण से 2-3 प्रश्न आते हैं।

  1. सेंसरिमोटर चरण (Sensorimotor Stage: 0-2 वर्ष)
    बच्चा इंद्रियों और मोटर क्रियाओं से सीखता।
    • विशेषता: ऑब्जेक्ट परमानेंस विकसित होता (चीजें आँखों से ओझल होने पर भी मौजूद)। कोई भाषा नहीं, ट्रायल-एंड-एरर।
    • उप-चरण: 6 सब-स्टेज (जैसे reflexive, circular reactions)।
    • उदाहरण: बच्चा खिलौना छुपाओ तो ढूँढता नहीं (कोई परमानेंस नहीं)। बाद में ढूँढ लेता।
    • CTET प्रश्न: “2 वर्ष का बच्चा ऑब्जेक्ट परमानेंस समझता है?” (हाँ)।
  2. पूर्व-ऑपरेशनल चरण (Preoperational Stage: 2-7 वर्ष)
    प्रतीकात्मक सोच शुरू, लेकिन एगोसेंट्रिक (स्वार्थी दृष्टि)।
    • विशेषता: भाषा, कल्पना विकसित। लेकिन कंजर्वेशन नहीं (मात्रा स्थिर रहती), सेंट्रीसिटी (एक आयाम सोचना), इररिवर्सिबिलिटी।
    • उदाहरण: दो गिलास में बराबर पानी। एक को लंबा गिलास में डालो – बच्चा कहेगा लंबे में ज्यादा (no conservation)।
    • CTET प्रश्न: “5 वर्ष का बच्चा एगोसेंट्रिक होता है?” (हाँ)।
  3. कंक्रीट ऑपरेशनल चरण (Concrete Operational Stage: 7-11 वर्ष)
    तार्किक सोच, लेकिन कंक्रीट चीजों पर।
    • विशेषता: कंजर्वेशन, रिवर्सिबिलिटी, डिक्लासिफिकेशन (समूह बनाना), सीरिएशन (क्रमबद्धता)। एगोसेंट्रिज्म कम।
    • उदाहरण: मिट्टी की गोली लंबी करो – बच्चा कहेगा मात्रा वही (conservation समझा)।
    • CTET प्रश्न: “9 वर्ष का बच्चा कंजर्वेशन समझता है?” (हाँ)।
  4. फॉर्मल ऑपरेशनल चरण (Formal Operational Stage: 11+ वर्ष)
    अमूर्त और काल्पनिक सोच।
    • विशेषता: हाइपोथेटिकल सोच, डिडक्टिव रीजनिंग, नैतिक दुविधाएँ। सभी देशों में नहीं पूर्ण विकसित।
    • उदाहरण: “अगर सब हवा उड़ने लगे तो?” – बच्चा कारण सोचेगा।
    • CTET प्रश्न: “किशोर अमूर्त सोच सकता है?” (हाँ)।

1️⃣ संवेदना-प्रेरक अवस्था (0–2 वर्ष)

LEARNING THROUGH SENSES AND MOVEMENTS

 बच्चा इंद्रियों और शारीरिक गतिविधियों से सीखता है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • वस्तु स्थायित्व (Object Permanence)
  • ट्रायल एंड एरर
  • प्रतिबिंब क्रियाएँ (Reflex Actions)

वस्तु स्थायित्व (Object Permanence)

👉 वस्तु दिखाई न देने पर भी मौजूद है – यह समझ।

उदाहरण:
खिलौना छुपाने पर बच्चा उसे खोजता है।

👉 बच्चा इंद्रियों और गतिविधियों से सीखता है।

OBJECT PERMANENCE

OBJECT PERMANENCE MEANS OBJECTS EXIST EVEN WHEN NOT SEEN

उदाहरण:
खिलौना छुपा देने पर बच्चा उसे ढूँढता है।

इंद्रियाँ और क्रियाओं से सीखना। वस्तु स्थायित्व (Object Permanence) विकसित। 6 उप-चरण:

  • अनुकरण (Imitation): दूसरों की नकल।
  • प्रतिवर्ती क्रियाएँ (Circular Reactions): दोहराव (प्राइमरी, सेकंडरी, टर्शियरी)।
  • मानसिक चित्रण (Mental Representation): कल्पना शुरू।
  • उदाहरण: खिलौना छुपाओ तो ढूँढना न सीखा (कोई परमानेंस नहीं); खिलाुने तोड़ना प्रयोग करना।

2️⃣ पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2–7 वर्ष)

Pre-Operational Stage

2️ PRE-OPERATIONAL STAGE (2–7 YEARS)

THINKING IS SYMBOLIC BUT NOT LOGICAL

👉 बच्चा प्रतीकों से सोचता है, पर तर्क कमजोर होता है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • आत्मकेन्द्रिता (Egocentrism)
  • सजीवता (Animism)
  • प्रतीकात्मक खेल (Symbolic Play)
  • संरक्षण का अभाव (Lack of Conservation)

आत्मकेन्द्रिता (Egocentrism)

👉 बच्चा दूसरे का दृष्टिकोण नहीं समझ पाता।

उदाहरण:
बच्चा सोचता है कि सब वही देखते हैं जो वह देख रहा है।


सजीवता (Animism)

👉 निर्जीव वस्तुओं को जीवित समझना।

उदाहरण:
“पंखा मुझे हवा दे रहा है।”


👉 सोच प्रतीकों पर आधारित होती है, तर्क कमजोर होता है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • EGOCENTRISM
  • ANIMISM
  • SYMBOLIC PLAY

EGOCENTRISM

EGOCENTRISM MEANS INABILITY TO SEE FROM OTHERS’ POINT OF VIEW

उदाहरण:
बच्चा सोचता है कि सब वही देखते हैं जो वह देख रहा है।

ANIMISM

ANIMISM MEANS GIVING LIFE TO NON-LIVING OBJECTS

उदाहरण:
बच्चा कहता है – “सूरज मुझे देख रहा है।”


  • सोच प्रतीकात्मक, तर्क कमजोर
  • मुख्य विशेषताएँ:
    • आत्मकेन्द्रिता (Egocentrism)
    • सजीवता (Animism)
    • प्रतीकात्मक खेल
    • संरक्षण का अभाव

उदाहरण:
“सूरज मुझे देख रहा है”

प्रतीकात्मक सोच, भाषा शुरू। लेकिन जीव केंद्रिकरण (Egocentrism)प्रतिमात्मक विचारों की अनुत्क्रमनीयता (Irreversibility)

  • पूर्ण संख्या (Centration): एक आयाम पर फोकस।
  • उदाहरण: लंबा गिलास में ज्यादा पानी समझना (कोई संरक्षण नहीं)।

3️⃣ मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7–11 वर्ष)

Concrete Operational Stage

3️ CONCRETE OPERATIONAL STAGE (7–11 YEARS)

LOGICAL THINKING WITH CONCRETE OBJECTS

👉 बच्चा वास्तविक वस्तुओं के साथ तर्क कर सकता है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • संरक्षण (Conservation)
  • प्रत्यावर्तन (Reversibility)
  • वर्गीकरण (Classification)
  • अनुक्रमण (Seriation)

संरक्षण (Conservation)

👉 आकार बदलने पर भी मात्रा समान रहना।

उदाहरण:
पानी को पतले गिलास में डालने पर भी मात्रा समान समझना।


👉 बच्चा वास्तविक चीज़ों के साथ तर्क कर सकता है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • CONSERVATION
  • REVERSIBILITY
  • CLASSIFICATION

CONSERVATION

CONSERVATION MEANS QUANTITY REMAINS SAME DESPITE CHANGE IN SHAPE

उदाहरण:
एक गिलास से दूसरे में पानी डालने पर मात्रा समान समझना।


  • ठोस वस्तुओं के साथ तार्किक सोच
  • मुख्य विशेषताएँ:
    • संरक्षण (Conservation)
    • प्रत्यावर्तन (Reversibility)
    • वर्गीकरण (Classification)
    • अनुक्रमण (Seriation)

उदाहरण:
गिलास बदलने पर भी पानी की मात्रा समान

तार्किक चिंतन (Logical Thinking) कंक्रीट चीजों पर।

  • कर्म भारता (Operations): मानसिक क्रियाएँ।
  • उलटने योग्यता (Reversibility): उलटा सोचना।
  • संरक्षण (Conservation): मात्रा स्थिर।
  • संक्रमक परिणाम (Transitive Inference): A>B, B>C तो A>C।
  • विकेंद्रीकरण (Decentralization): बहु-आयामी सोचना।
  • वर्गीकरण (Classification): समूह बनाना।
  • संरक्षण परिवर्तन (Conservation Changes): आकार बदलने पर मात्रा वही।
  • क्रमबद्धता (Seriation): क्रम लगाना।
  • गणितीय संक्रियाएँ (Mathematical Operations): जोड़-घटाव समझना।
  • उदाहरण: मिट्टी लंबी करो-मात्रा वही।

4️⃣ औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11+ वर्ष)

Formal Operational Stage

ABSTRACT AND HYPOTHETICAL THINKING DEVELOPS

👉 अमूर्त, काल्पनिक और तार्किक सोच विकसित होती है।

उदाहरण:
“अगर मैं प्रधानमंत्री होता तो…” जैसे विचार।


  • अमूर्त व काल्पनिक सोच
  • समस्या समाधान व तर्क विकसित
  • कारणात्मक चिंतन (Hypothetical-Deductive Thinking) अमूर्त।
  • काल्पनिक, नैतिक दुविधा, वैज्ञानिक सोच।
  • उदाहरण: “अगर चाँद गिर जाए तो?” कारण सोचना।

जीन पियाजे के चार चरणों का सारांश और उम्र नीचे सूचीबद्ध है। CTET CDP के लिए महत्वपूर्ण।​

पियाजे के चार चरण: सारांश तालिका

चरण का नामउम्रमुख्य सारांश + विशेषता
संवेदी-गतिशील (Sensorimotor)जन्म-2 वर्षइंद्रियाँ-क्रियाओं से सीखना। ऑब्जेक्ट परमानेंस विकसित। उदाहरण: पीकाबू गेम।​
पूर्व-संचालन (Preoperational)2-7 वर्षप्रतीकात्मक सोच, एगोसेंट्रिज्म, कोई कंजर्वेशन। उदाहरण: लंबा गिलास=ज्यादा पानी।​
मूर्त संक्रियात्मक (Concrete Operational)7-11 वर्षकंक्रीट तर्क, कंजर्वेशन, रिवर्सिबिलिटी, वर्गीकरण। उदाहरण: मिट्टी गोली=मात्रा वही।​
औपचारिक संक्रियात्मक (Formal Operational)11+ वर्षअमूर्त/काल्पनिक सोच, हाइपोथेटिकल रीजनिंग। उदाहरण: “अगर सब उड़ें तो?”​

ये चरण सार्वभौमिक क्रम में होते हैं। CTET में उम्र+विशेषता पूछा जाता। रोज रिवाइज!​

📚 CTET के लिए One-Line Facts

  • पियाजे → संज्ञानात्मक विकास
  • सीखना → सक्रिय प्रक्रिया
  • शिक्षक → Facilitator
  • सिद्धांत → Constructivism
  • संरक्षण → Concrete Stage
  • आत्मकेन्द्रिता → Pre-Operational

🧑‍🏫 कक्षा में प्रयोग

  • गतिविधि आधारित शिक्षण
  • खोज व प्रयोग पर बल
  • आयु अनुसार सामग्री
  • रटंत नहीं, समझ आधारित सीख


नीचे पियाजे (Jean Piaget) से जुड़े सभी महत्त्वपूर्ण TERMS को

पूरी तरह विस्तार से, सरल हिंदी में, CTET/STATE TET स्तर पर

👉 हर term का अर्थ + उदाहरण (Example)
👉 Exam point + Classroom example
ताकि कुछ भी न छूटे


🧠 पियाजे के सभी महत्त्वपूर्ण सिद्धांत व शब्दावली

(Detailed Explanation with Examples)


1️⃣ SCHEMA (स्कीमा / मानसिक संरचना)

🔹 अर्थ:

SCHEMA वह मानसिक ढांचा है, जिसके द्वारा बच्चा अपने अनुभवों को समझता और व्यवस्थित करता है।

👉 सरल शब्दों में:

बच्चा जो कुछ भी देखता, सुनता, करता है — उसका मानसिक नक्शा

🔹 उदाहरण:

  • बच्चे के लिए “कुत्ता” = चार पैर वाला जानवर
  • बाद में जब वह गाय देखता है तो उसे भी कुत्ता कह देता है
    👉 यह उसका स्कीमा है

🔹 Exam Point:

  • स्कीमा जन्म से लेकर जीवन भर बदलता रहता है
  • स्कीमा सीखने की नींव है

2️⃣ ASSIMILATION (आत्मसात)

🔹 अर्थ:

जब बच्चा नई जानकारी को पुराने स्कीमा में फिट कर लेता है, उसे आत्मसात कहते हैं।

🔹 उदाहरण:

  • बच्चा कुत्ता जानता है
  • बिल्ली को भी “कुत्ता” कह देता है
    👉 नई जानकारी को पुराने स्कीमा में मिला दिया

🔹 Classroom Example:

कक्षा 1 का बच्चा
“सभी गोल चीज़ें = गेंद”

🔹 Exam Line:

पुराना स्कीमा + नई जानकारी = ASSIMILATION


3️⃣ ACCOMMODATION (समायोजन)

🔹 अर्थ:

जब पुराना स्कीमा काम नहीं करता, तब बच्चा स्कीमा को बदलता है — इसे समायोजन कहते हैं।

🔹 उदाहरण:

  • बच्चा सीखता है:
    • कुत्ता भौंकता है
    • बिल्ली म्याऊँ करती है
      👉 अब अलग-अलग स्कीमा बनते हैं

🔹 Classroom Example:

पहले:

“सब जानवर कुत्ते हैं”
बाद में:
कुत्ता, बिल्ली, गाय अलग-अलग

🔹 Exam Line:

नई जानकारी → स्कीमा में परिवर्तन = ACCOMMODATION


4️⃣ EQUILIBRATION (संतुलन)

🔹 अर्थ:

आत्मसात और समायोजन के बीच संतुलन बनाने की प्रक्रिया को संतुलन कहते हैं।

👉 यही सीखने की प्रेरक शक्ति है।

🔹 उदाहरण:

  • बच्चा भ्रमित होता है (असंतुलन)
  • फिर समझ बनाता है (संतुलन)

🔹 Exam Point:

  • सीखना तभी होता है जब बच्चा असंतुलन से संतुलन की ओर जाता है

5️⃣ SENSORIMOTOR STAGE (संवेदी-प्रेरक अवस्था)

🕒 आयु: 0–2 वर्ष

🔹 विशेषताएँ:

  • इंद्रियाँ + शारीरिक क्रिया
  • वस्तु स्थायित्व का विकास

🔹 OBJECT PERMANENCE (वस्तु स्थायित्व):

वस्तु आँखों से ओझल होने पर भी मौजूद रहती है

🔹 उदाहरण:

  • खिलौना छुपाने पर बच्चा ढूँढता है

6️⃣ PRE-OPERATIONAL STAGE (पूर्व संक्रियात्मक अवस्था)

🕒 आयु: 2–7 वर्ष

🔹 प्रमुख विशेषताएँ:

  • EGOCENTRISM (आत्मकेन्द्रिता)
  • प्रतीकात्मक खेल
  • संरक्षण का अभाव

7️⃣ EGOCENTRISM (आत्मकेन्द्रिता)

🔹 अर्थ:

बच्चा दूसरों का दृष्टिकोण नहीं समझ पाता

❌ यह स्वार्थी होना नहीं है

🔹 उदाहरण:

  • बच्चा सोचता है सब वही देखते हैं जो वह देख रहा है

🔹 Exam Trap:

आत्मकेन्द्रिता ≠ स्वार्थ


8️⃣ CONSERVATION (संरक्षण)

🔹 अर्थ:

आकार, रूप बदलने पर भी मात्रा वही रहती है

🔹 प्रकार:

  • द्रव संरक्षण
  • संख्या संरक्षण
  • भार संरक्षण

🔹 उदाहरण:

  • एक गिलास से पानी फैलाकर दूसरे में डालना
  • बच्चा समझता है मात्रा वही है

📌 यह क्षमता 7–11 वर्ष में आती है


9️⃣ REVERSIBILITY (प्रतिवर्तीता)

🔹 अर्थ:

मानसिक क्रिया को उल्टा सोच पाना

🔹 उदाहरण:

  • 5 + 3 = 8
  • 8 – 3 = 5

🔹 Exam Point:

  • संरक्षण के लिए आवश्यक क्षमता

🔟 CONCRETE OPERATIONAL STAGE (मूर्त संक्रियात्मक अवस्था)

🕒 आयु: 7–11 वर्ष

🔹 विशेषताएँ:

  • संरक्षण
  • प्रतिवर्तीता
  • तर्क लेकिन केवल ठोस वस्तुओं पर

1️⃣1️⃣ FORMAL OPERATIONAL STAGE (औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था)

🕒 आयु: 11 वर्ष से ऊपर

🔹 विशेषताएँ:

  • अमूर्त चिंतन
  • काल्पनिक सोच
  • समस्या समाधान

🔹 उदाहरण:

  • गणित के सूत्र
  • “अगर ऐसा होता तो क्या होता?”

🎯 CTET GOLDEN SUMMARY

PIAGET = ACTIVE CHILD
LEARNING = ASSIMILATION + ACCOMMODATION
MOTIVATION = EQUILIBRATION
TEACHER = FACILITATOR

50 MCQ (CTET / STATE TET / KVS Level)


🧠 पियाजे : 50 MCQ (Answer + Explanation)


Q1. पियाजे का सिद्धांत किस विकास से संबंधित है?

A. शारीरिक
B. सामाजिक
C. संज्ञानात्मक
D. नैतिक

उत्तर: C
📝 व्याख्या: पियाजे संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांतकार हैं।


Q2. पियाजे के अनुसार बच्चा ज्ञान कैसे प्राप्त करता है?

A. रटकर
B. शिक्षक से
C. स्वयं अनुभव से
D. दंड से

उत्तर: C
📝 व्याख्या: बच्चा सक्रिय रूप से ज्ञान का निर्माण करता है।


Q3. स्कीमा (Schema) क्या है?

A. आदत
B. भावना
C. मानसिक संरचना
D. व्यवहार

उत्तर: C
📝 व्याख्या: स्कीमा अनुभवों को व्यवस्थित करने का ढांचा है।


Q4. आत्मसात (Assimilation) का अर्थ है—

A. स्कीमा बदलना
B. नई जानकारी को पुराने स्कीमा में जोड़ना
C. जानकारी भूलना
D. अभ्यास करना

उत्तर: B
📝 व्याख्या: पुराने स्कीमा में नई जानकारी फिट करना आत्मसात है।


Q5. समायोजन (Accommodation) में क्या होता है?

A. स्कीमा अपरिवर्तित रहता है
B. स्कीमा में परिवर्तन होता है
C. सीखना रुक जाता है
D. केवल स्मरण

उत्तर: B
📝 व्याख्या: नई जानकारी के अनुसार स्कीमा बदला जाता है।


Q6. संतुलन (Equilibration) का संबंध किससे है?

A. पुरस्कार
B. दंड
C. संज्ञानात्मक संतुलन
D. अभ्यास

उत्तर: C


Q7. पियाजे के अनुसार सीखने की प्रेरक शक्ति क्या है?

A. अनुकरण
B. संतुलन
C. अभ्यास
D. स्मृति

उत्तर: B


Q8. संवेदी-प्रेरक अवस्था की आयु क्या है?

A. 0–2 वर्ष
B. 2–7 वर्ष
C. 7–11 वर्ष
D. 11–15 वर्ष

उत्तर: A


Q9. संवेदी-प्रेरक अवस्था की मुख्य उपलब्धि क्या है?

A. आत्मकेन्द्रिता
B. संरक्षण
C. वस्तु स्थायित्व
D. अमूर्त चिंतन

उत्तर: C


Q10. वस्तु स्थायित्व का अर्थ है—

A. वस्तु का रंग
B. वस्तु का आकार
C. वस्तु छुपने पर भी अस्तित्व
D. वस्तु का भार

उत्तर: C


Q11. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था की आयु क्या है?

A. 0–2 वर्ष
B. 2–7 वर्ष
C. 7–11 वर्ष
D. 11+ वर्ष

उत्तर: B


Q12. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था की प्रमुख विशेषता है—

A. तर्क
B. आत्मकेन्द्रिता
C. संरक्षण
D. प्रतिवर्तीता

उत्तर: B


Q13. आत्मकेन्द्रिता (Egocentrism) का अर्थ है—

A. स्वार्थी होना
B. झगड़ालू होना
C. दूसरों का दृष्टिकोण न समझ पाना
D. आलसी होना

उत्तर: C


Q14. इस अवस्था में संरक्षण क्यों नहीं पाया जाता?

A. भाषा की कमी
B. प्रतिवर्तीता की कमी
C. स्मृति की कमी
D. अभ्यास की कमी

उत्तर: B


Q15. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था की आयु है—

A. 0–2 वर्ष
B. 2–7 वर्ष
C. 7–11 वर्ष
D. 11+ वर्ष

उत्तर: C


Q16. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था की मुख्य विशेषता है—

A. आत्मकेन्द्रिता
B. संरक्षण
C. अमूर्त चिंतन
D. कल्पना

उत्तर: B


Q17. प्रतिवर्तीता (Reversibility) का अर्थ है—

A. याद करना
B. उल्टी क्रिया को समझना
C. नकल करना
D. अभ्यास

उत्तर: B


Q18. संरक्षण का संबंध किससे है?

A. रंग
B. आकार
C. मात्रा की अपरिवर्तनीयता
D. गति

उत्तर: C


Q19. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था की आयु क्या है?

A. 7–11 वर्ष
B. 9–12 वर्ष
C. 11 वर्ष से ऊपर
D. 15 वर्ष से ऊपर

उत्तर: C


Q20. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता है—

A. ठोस चिंतन
B. अमूर्त चिंतन
C. आत्मकेन्द्रिता
D. संरक्षण का अभाव

उत्तर: B


Q21. पियाजे के अनुसार विकास और सीखने का क्रम क्या है?

A. सीखना → विकास
B. विकास → सीखना
C. दोनों समान
D. कोई संबंध नहीं

उत्तर: B


Q22. पियाजे के सिद्धांत को क्या कहा जाता है?

A. व्यवहारवादी
B. रचनावादी
C. मनोविश्लेषणात्मक
D. सामाजिक

उत्तर: B


Q23. पियाजे के अनुसार बच्चा कैसा शिक्षार्थी है?

A. निष्क्रिय
B. आश्रित
C. सक्रिय
D. डरपोक

उत्तर: C


Q24. पियाजे ने किस पर अधिक बल दिया?

A. सामाजिक अंतःक्रिया
B. व्यक्तिगत खोज
C. दंड
D. पुरस्कार

उत्तर: B


Q25. निम्न में से कौन पियाजे की अवधारणा नहीं है?

A. स्कीमा
B. आत्मसात
C. ZPD
D. समायोजन

उत्तर: C


Q26. संरक्षण किस अवस्था में विकसित होता है?

A. संवेदी-प्रेरक
B. पूर्व संक्रियात्मक
C. मूर्त संक्रियात्मक
D. औपचारिक

उत्तर: C


Q27. आत्मकेन्द्रिता सबसे अधिक किस अवस्था में होती है?

A. संवेदी-प्रेरक
B. पूर्व संक्रियात्मक
C. मूर्त संक्रियात्मक
D. औपचारिक

उत्तर: B


Q28. पियाजे के अनुसार शिक्षक की भूमिका है—

A. ज्ञान देने वाला
B. मार्गदर्शक
C. नियंत्रक
D. परीक्षक

उत्तर: B


Q29. पियाजे का सिद्धांत किस प्रकार की शिक्षा का समर्थन करता है?

A. रटंत
B. शिक्षक-केंद्रित
C. बाल-केंद्रित
D. परीक्षा-केंद्रित

उत्तर: C


Q30. स्कीमा का निर्माण किससे होता है?

A. जन्म से
B. अनुभव से
C. दंड से
D. पुरस्कार से

उत्तर: B


Q31. समायोजन कब होता है?

A. जब स्कीमा पर्याप्त हो
B. जब स्कीमा अपर्याप्त हो
C. जब बच्चा थका हो
D. जब अभ्यास हो

उत्तर: B


Q32. संतुलन का उद्देश्य क्या है?

A. दंड देना
B. स्मरण
C. असंतुलन को संतुलन में लाना
D. पुरस्कार

उत्तर: C


Q33. पियाजे के अनुसार खेल का महत्व क्यों है?

A. मनोरंजन
B. अनुशासन
C. संज्ञानात्मक विकास
D. प्रतियोगिता

उत्तर: C


Q34. किस अवस्था में प्रतीकात्मक खेल पाया जाता है?

A. संवेदी-प्रेरक
B. पूर्व संक्रियात्मक
C. मूर्त संक्रियात्मक
D. औपचारिक

उत्तर: B


Q35. पियाजे के अनुसार सभी बच्चे—

A. समान गति से विकसित होते हैं
B. अलग-अलग गति से विकसित होते हैं
C. विकसित नहीं होते
D. केवल सीखते हैं

उत्तर: B


Q36. पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास को—

A. निरंतर माना
B. चरणबद्ध माना
C. असंबंधित माना
D. यादृच्छिक माना

उत्तर: B


Q37. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में तर्क किस पर आधारित होता है?

A. कल्पना
B. अमूर्त विचार
C. ठोस वस्तुएँ
D. भावनाएँ

उत्तर: C


Q38. औपचारिक अवस्था में बच्चा क्या कर सकता है?

A. केवल देखना
B. अमूर्त समस्याएँ हल करना
C. केवल नकल
D. केवल स्मरण

उत्तर: B


Q39. संरक्षण का उदाहरण है—

A. रंग बदलना
B. आकार बदलना
C. मात्रा वही रहना
D. गति बदलना

उत्तर: C


Q40. पियाजे के अनुसार ज्ञान का स्रोत है—

A. शिक्षक
B. पुस्तक
C. अनुभव
D. परीक्षा

उत्तर: C


Q41. पियाजे ने किस आयु वर्ग पर अधिक अध्ययन किया?

A. वयस्क
B. वृद्ध
C. बच्चे
D. किशोर

उत्तर: C


Q42. पियाजे का सिद्धांत किस परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाता है?

A. UPSC
B. CTET
C. SSC
D. बैंक

उत्तर: B


Q43. पियाजे के अनुसार सीखना होता है—

A. निष्क्रिय
B. यांत्रिक
C. सक्रिय
D. बाध्य

उत्तर: C


Q44. निम्न में से कौन औपचारिक अवस्था की विशेषता नहीं है?

A. अमूर्त चिंतन
B. काल्पनिक सोच
C. आत्मकेन्द्रिता
D. तर्क

उत्तर: C


Q45. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास किस पर निर्भर करता है?

A. दंड
B. पुरस्कार
C. परिपक्वता व अनुभव
D. अनुकरण

उत्तर: C


Q46. आत्मसात और समायोजन किसके घटक हैं?

A. सीखना
B. स्कीमा
C. संतुलन
D. विकास

उत्तर: C


Q47. पियाजे के अनुसार बच्चा गलतियाँ क्यों करता है?

A. आलस्य
B. अपर्याप्त स्कीमा
C. डर
D. शिक्षक

उत्तर: B


Q48. पियाजे के सिद्धांत में सामाजिक कारकों की भूमिका—

A. प्रमुख
B. गौण
C. मुख्य
D. निर्णायक

उत्तर: B


Q49. संरक्षण से पहले कौन-सी क्षमता आवश्यक है?

A. भाषा
B. स्मृति
C. प्रतिवर्तीता
D. ध्यान

उत्तर: C


Q50. पियाजे का सिद्धांत किस शिक्षा दर्शन से जुड़ा है?

A. व्यवहारवाद
B. रचनावाद
C. आदर्शवाद
D. यथार्थवाद

उत्तर: B


🎯 EXAM FINAL LINE

PIAGET = ACTIVE CHILD + SCHEMA + ASSIMILATION + ACCOMMODATION + EQUILIBRATION

बहुत अच्छा 👍
नीचे CTET / STATE TET / KVS / DSSSB स्तर के

20 बहुत ही Tricky कथन–कारण (Assertion–Reason) प्रश्न

👉 सभी प्रश्न पियाजे (Jean Piaget) पर आधारित हैं
👉 PYQ + Concept-based हैं
👉 सीधे परीक्षा में आने लायक


🧠 कथन–कारण अभ्यास सेट (20 प्रश्न)

🔹 निर्देश

A. कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
B. कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता।
C. कथन (A) सही है, परंतु कारण गलत है।
D. कथन (A) गलत है, परंतु कारण सही है।


प्रश्न 1

कथन (A): पियाजे के अनुसार बच्चा निष्क्रिय रूप से ज्ञान ग्रहण करता है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा स्वयं अनुभवों के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करता है।

✅ उत्तर: D


प्रश्न 2

कथन (A): संवेदी-प्रेरक अवस्था जन्म से 2 वर्ष तक होती है।
कारण (R): क्योंकि इस अवस्था में बच्चा इंद्रियों और गतियों से सीखता है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 3

कथन (A): वस्तु स्थायित्व संवेदी-प्रेरक अवस्था की प्रमुख उपलब्धि है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा यह समझने लगता है कि वस्तु न दिखने पर भी अस्तित्व में रहती है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 4

कथन (A): पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा तर्कसंगत होता है।
कारण (R): क्योंकि इस अवस्था में आत्मकेन्द्रिता पाई जाती है।

✅ उत्तर: D


प्रश्न 5

कथन (A): आत्मकेन्द्रिता का अर्थ केवल अपने बारे में सोचना है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा दूसरों के दृष्टिकोण को समझ नहीं पाता।

✅ उत्तर: D


प्रश्न 6

कथन (A): संरक्षण की अवधारणा पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में विकसित होती है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा प्रतिवर्तीता को समझने लगता है।

✅ उत्तर: D


प्रश्न 7

कथन (A): प्रतिवर्तीता मूर्त संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा मानसिक क्रियाओं को उलट सकता है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 8

कथन (A): आत्मसात में स्कीमा बदलता है।
कारण (R): क्योंकि नई जानकारी के अनुसार स्कीमा में संशोधन किया जाता है।

✅ उत्तर: D


प्रश्न 9

कथन (A): समायोजन में स्कीमा में परिवर्तन होता है।
कारण (R): क्योंकि पुराना स्कीमा नई जानकारी को समाहित नहीं कर पाता।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 10

कथन (A): संतुलन (Equilibration) सीखने की प्रेरक शक्ति है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा संज्ञानात्मक असंतुलन को संतुलन में बदलने का प्रयास करता है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 11

कथन (A): मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा अमूर्त चिंतन करता है।
कारण (R): क्योंकि इस अवस्था में तर्क केवल ठोस वस्तुओं तक सीमित होता है।

✅ उत्तर: D


प्रश्न 12

कथन (A): औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था 11 वर्ष के बाद आती है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा काल्पनिक और अमूर्त समस्याएँ हल कर सकता है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 13

कथन (A): पियाजे का सिद्धांत शिक्षक-केंद्रित है।
कारण (R): क्योंकि शिक्षक ज्ञान का संचार करता है।

✅ उत्तर: C


प्रश्न 14

कथन (A): पियाजे ने खेल को सीखने का माध्यम माना।
कारण (R): क्योंकि खेल से संज्ञानात्मक विकास होता है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 15

कथन (A): पियाजे के अनुसार विकास सीखने से पहले होता है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा परिपक्वता के बाद ही सीख सकता है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 16

कथन (A): स्कीमा मानसिक संरचना है।
कारण (R): क्योंकि स्कीमा अनुभवों को व्यवस्थित करता है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 17

कथन (A): सभी बच्चे समान गति से संज्ञानात्मक विकास करते हैं।
कारण (R): क्योंकि विकास अनुभवों पर निर्भर करता है।

✅ उत्तर: D


प्रश्न 18

कथन (A): पियाजे ने सामाजिक कारकों को प्रमुख माना।
कारण (R): क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत खोज पर बल दिया।

✅ उत्तर: D


प्रश्न 19

कथन (A): संरक्षण संख्या, द्रव, भार से संबंधित है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा मात्रा की अपरिवर्तनीयता समझता है।

✅ उत्तर: A


प्रश्न 20

कथन (A): पियाजे का सिद्धांत रचनावादी सिद्धांत कहलाता है।
कारण (R): क्योंकि बच्चा स्वयं ज्ञान का निर्माण करता है।

✅ उत्तर: A


🎯 EXAM FINAL TIP

👉 कथन–कारण में 70% उत्तर “A या D” आते हैं,
लेकिन जल्दी में A न चुनें, पहले व्याख्या जाँचें


🔚 निष्कर्ष (Most Important Line)

बच्चा ज्ञान ग्रहण नहीं करता,
बल्कि स्वयं उसका निर्माण करता है।

👉 शिक्षक का कार्य है
सीखने का वातावरण बनाना, ज्ञान थोपना नहीं।


FAQ: Jean Piaget and CTET

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: जीन पियाजे और CTET


1. Who was Jean Piaget?

जीन पियाजे कौन थे?
Jean Piaget was a Swiss psychologist known for his theory of cognitive development in children.
जीन पियाजे एक स्विस मनोवैज्ञानिक थे, जो बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध हैं।


2. What is Piaget’s Cognitive Development Theory?

पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत क्या है?
Piaget’s theory explains how children develop thinking, reasoning, and understanding skills in stages as they grow.
पियाजे का सिद्धांत बताता है कि बच्चे बड़े होते समय सोचने, तर्क करने और समझने की क्षमताएँ किस प्रकार चरणबद्ध तरीके से विकसित करते हैं।


3. How many stages are there in Piaget’s theory?

पियाजे के सिद्धांत में कितने चरण हैं?
There are four main stages:

  1. Sensorimotor Stage (0–2 years)
  2. Preoperational Stage (2–7 years)
  3. Concrete Operational Stage (7–11 years)
  4. Formal Operational Stage (11+ years)

मुख्य चार चरण हैं:

  1. संवेदनाशील-गतिशील चरण (0–2 वर्ष)
  2. पूर्व-संचालनात्मक चरण (2–7 वर्ष)
  3. ठोस संचालनात्मक चरण (7–11 वर्ष)
  4. रूपात्मक संचालनात्मक चरण (11+ वर्ष)

4. Why is Piaget’s theory important for CTET?

CTET में पियाजे का सिद्धांत क्यों महत्वपूर्ण है?
Questions related to child development and pedagogy often appear in CTET exams. Piaget’s stages help teachers understand children’s learning abilities.
बच्चों के विकास और शिक्षाशास्त्र से जुड़े प्रश्न अक्सर CTET परीक्षा में आते हैं। पियाजे के चरण शिक्षकों को बच्चों की सीखने की क्षमताओं को समझने में मदद करते हैं।


5. Can Piaget’s theory be applied in classrooms?

क्या पियाजे के सिद्धांत को कक्षा में लागू किया जा सकता है?
Yes, teachers can design activities according to children’s cognitive stage to enhance learning.
हाँ, शिक्षक बच्चों के संज्ञानात्मक चरण के अनुसार गतिविधियाँ तैयार कर सकते हैं, जिससे सीखना प्रभावी होता है।


6. Where can I find CTET notes on Piaget?

पियाजे पर CTET नोट्स कहाँ मिल सकते हैं?
CTET preparation books, online PDFs, and educational websites provide detailed notes on Piaget’s theory.
CTET की तैयारी की किताबें, ऑनलाइन पीडीएफ और शैक्षिक वेबसाइटें पियाजे के सिद्धांत पर विस्तृत नोट्स देती हैं।


7. Are there examples of Piaget’s theory for practice?

पियाजे के सिद्धांत के अभ्यास के उदाहरण क्या हैं?
Yes, examples include observing how children solve problems, play, and communicate at each stage.
हाँ, उदाहरणों में बच्चों का समस्या हल करना, खेलना और संवाद करना प्रत्येक चरण में शामिल है।


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