UPTET 2011 Science Solved Paper II: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा विज्ञान प्रश्न पत्र हल


UPTET 2011 Science Solved Paper II

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास सफलता की पहली सीढ़ी है। UPTET 2011 के विज्ञान वर्ग (Paper II) में पूछे गए प्रश्न न केवल बुनियादी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, बल्कि परीक्षा के पैटर्न को समझने में भी मदद करते हैं। आज के इस विशेष लेख में हम विज्ञान के उन महत्वपूर्ण प्रश्नों पर चर्चा करेंगे, जो अक्सर दोहराए जाते हैं।

UPTET 2011 Science Solved Paper II

प्रश्न 1. पुष्प का चमकीला तथा आकर्षक अंश है:

(A) दलपुंज (Petals/Corolla)

(B) बाह्य दल (Sepals)

(C) दल (Petals)

(D) पुष्प वृंत (Pedicel)

विस्तृत व्याख्या :

इस प्रश्न का सही उत्तर (C) दल (Petals) है। विज्ञान की दृष्टि से, पुष्प का सबसे रंगीन और आकर्षक भाग ‘दल’ या ‘पंखुड़ी’ कहलाता है। इनका मुख्य कार्य परागण (Pollination) के लिए कीटों, तितलियों और मधुमक्खियों को अपनी ओर आकर्षित करना है। जब बहुत सारे दल एक साथ मिलते हैं, तो उसे ‘दलपुंज’ (Corolla) कहा जाता है। आकर्षक रंगों के साथ-साथ, कई फूलों के दल सुगंधित भी होते हैं, जो परागण की प्रक्रिया में सहायता करते हैं। जबकि बाह्य दल (Sepals) हरे रंग के होते हैं और कली की अवस्था में फूल की रक्षा करते हैं। पुष्प वृंत (Pedicel) वह डंठल है जो फूल को पौधे से जोड़ता है।

प्रश्न 2. ‘कॉलेरा‘ (Cholera) होता है:

(A) बैक्टीरिया द्वारा

(B) वायरस द्वारा

(C) कीटों द्वारा

(D) टॉक्सिन द्वारा

विस्तृत व्याख्या :

कॉलेरा, जिसे हिंदी में ‘हैजा’ कहा जाता है, का सही उत्तर (A) बैक्टीरिया द्वारा है। यह बीमारी ‘विब्रियो कोलेरी’ (Vibrio cholerae) नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह मुख्य रूप से दूषित पानी और दूषित भोजन के सेवन से फैलता है। इस बीमारी में व्यक्ति को तीव्र दस्त (Diarrhea) और उल्टी होती है, जिससे शरीर में पानी की भारी कमी (Dehydration) हो जाती है। यह वायरस (जैसे पोलियो या चेचक) या कीटों (जैसे मलेरिया) से नहीं फैलता, बल्कि स्वच्छता की कमी और जल प्रदूषण के कारण विकसित होता है।

प्रश्न 3. अंडे उत्तम स्रोत हैं:

(A) तंतुओं (Fibre) का

(B) प्रोटीन (Protein) का

(C) कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) का

(D) वसा (Fat) का

विस्तृत व्याख्या :

इस प्रश्न का सही उत्तर (B) प्रोटीन का है। अंडे को ‘पूर्ण प्रोटीन’ का स्रोत माना जाता है क्योंकि इसमें वे सभी आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है। अंडे का सफेद भाग (Albumen) मुख्य रूप से प्रोटीन से बना होता है, जबकि पीले भाग (Yolk) में वसा और विटामिन होते हैं। यद्यपि अंडे में थोड़ी मात्रा में वसा भी होती है, लेकिन वैज्ञानिक और पोषण की दृष्टि से यह प्रोटीन के लिए सबसे उत्तम और सस्ता स्रोत माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और फाइबर (तंतु) लगभग न के बराबर होते हैं।

4. पौधे के किस भाग से जूट तंतु पाया जाता है?

(A) पत्ती (B) फूल (C) तना (D) मूल

विस्तृत व्याख्या:

इस प्रश्न का सही उत्तर (C) तना (Stem) है। जूट एक प्राकृतिक रेशा है जिसे ‘गोल्डन फाइबर’ भी कहा जाता है। यह जूट के पौधे (Corchorus) के तने की छाल से प्राप्त होता है। जूट के तंतुओं को अलग करने के लिए ‘रेटिंग’ (Retting) नामक प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है, जिसमें तनों को पानी में भिगोकर गलाया जाता है। यह तंतु अत्यंत मजबूत और टिकाऊ होते हैं, जिनका उपयोग बोरे, रस्सी और कालीन बनाने में किया जाता है। पत्ती, फूल या जड़ से रेशे व्यावसायिक स्तर पर नहीं निकाले जाते हैं।

5. चावल तथा गेहूं को नामित किया जाता है:

(A) दालों के रूप में (B) अनाजों के रूप में (C) सब्जियों के रूप में (D) फलों के रूप में

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (B) अनाजों (Cereals) के रूप में है। चावल और गेहूं ‘पोएसी’ (Poaceae) परिवार के घास वाले पौधे हैं, जिनके बीजों का उपयोग मुख्य भोजन के रूप में किया जाता है। इन्हें ‘खाद्यान्न’ या अनाज कहा जाता है क्योंकि ये कार्बोहाइड्रेट के प्राथमिक स्रोत हैं। दालें प्रोटीन का स्रोत होती हैं (जैसे अरहर, चना), जबकि सब्जियां और फल पौधों के अन्य खाद्य भाग हैं। गेहूं और चावल दुनिया भर में सबसे अधिक उगाई जाने वाली अनाज की फसलें हैं।

6. पौधे जो अपना खाद्य बना सकते हैं, कहलाते हैं:

(A) ऑटोट्रोफ (B) हेटेरोट्रोफ (C) सैप्रोफाइट (D) पैरासाइट

विस्तृत व्याख्या:

इसका सही उत्तर (A) ऑटोट्रोफ (Autotrophs) है, जिन्हें हिंदी में ‘स्वपोषी’ कहते हैं। ये जीव प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की क्रिया द्वारा सूर्य के प्रकाश, क्लोरोफिल, जल और कार्बन डाइऑक्साइड की सहायता से अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं। इसके विपरीत, हेटेरोट्रोफ (परपोषी) भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं। सैप्रोफाइट (मृतोपजीवी) सड़े-गले पदार्थों से पोषण लेते हैं, और पैरासाइट (परजीवी) जीवित मेजबान से पोषण प्राप्त करते हैं।

7. फूल, फल तथा बीज धारण करने वाले फूले हुए पौधे कहलाते हैं:

(A) क्रिप्टोगेम्स (B) फर्न (C) जिम्नोस्पर्म (D) एंजियोस्पर्म

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (D) एंजियोस्पर्म (Angiosperms) है। इन्हें ‘आवृतबीजी’ पौधे भी कहा जाता है। ये वे पौधे हैं जिनमें बीज हमेशा फल के अंदर बंद रहते हैं और इनमें स्पष्ट रूप से फूल खिलते हैं। जिम्नोस्पर्म (नग्नबीजी) में बीज फलों के अंदर नहीं होते और फूल नहीं लगते। क्रिप्टोगेम्स और फर्न बीज रहित पौधे होते हैं जो बीजाणुओं (Spores) द्वारा प्रजनन करते हैं। एंजियोस्पर्म पृथ्वी पर पौधों का सबसे विकसित समूह है।

8. निम्न में से द्विबीजपत्री कौन है?

(A) घास (B) आम (C) मक्का (D) इनमें से सभी

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (B) आम (Mango) है। द्विबीजपत्री (Dicotyledon) वे पौधे होते हैं जिनके बीज में दो ‘बीजपत्र’ (Cotyledons) होते हैं। आम के बीज को तोड़ने पर वह दो बराबर भागों में बंट जाता है। इसके अलावा, आम की पत्तियों में जालीदार शिरा-विन्यास (Reticulate Venation) होता है। इसके विपरीत, घास और मक्का एकबीजपत्री (Monocot) हैं, जिनके बीज का केवल एक ही हिस्सा होता है और उनकी पत्तियों में समानांतर शिरा-विन्यास होता है।

9. एकल कोशा प्राणियों को वर्गीकृत किया जाता है:

(A) आर्थ्रोपोड के रूप में (B) स्तनियों के रूप में (C) प्रोटोजोअन के रूप में (D) मोलस्क के रूप में

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (C) प्रोटोजोअन (Protozoans) के रूप में है। ‘प्रोटोजोआ’ शब्द का अर्थ है ‘प्रथम जंतु’। ये सूक्ष्म, एककोशिकीय (Single-celled) जीव होते हैं जो जलीय या नम वातावरण में पाए जाते हैं, जैसे अमीबा और पैरामीशियम। आर्थ्रोपोड (जैसे कीट) और मोलस्क (जैसे घोंघा) बहुकोशिकीय जीव हैं। स्तनधारी (Mammals) जंतु जगत का सबसे विकसित समूह है जो बहुकोशिकीय और जटिल शारीरिक संरचना वाला होता है।

10. बरगद के पौधे की जड़ें हैं:

(A) आरोही मूल (B) अवस्तंभ मूल (C) श्वसन मूल (D) अपस्थानिक मूल

विस्तृत व्याख्या:

इस प्रश्न का सही उत्तर (B) अवस्तंभ मूल (Prop Roots) है. बरगद जैसे विशाल वृक्षों में, उनकी भारी शाखाओं को अतिरिक्त सहारा देने के लिए तने से कुछ विशेष जड़ें निकलकर नीचे जमीन की ओर बढ़ती हैं. इन्हें ‘स्तंभ मूल’ या ‘प्रो प्रॉप रूट्स’ भी कहते हैं. ये जड़ें जब जमीन में धंस जाती हैं, तो खंभों की तरह कार्य करती हैं और वृक्ष के फैलाव को गिरने से बचाती हैं. ‘अपस्थानिक मूल’ (Adventitious roots) एक व्यापक शब्द है, जिसके अंतर्गत ही ये जड़ें आती हैं, लेकिन बरगद के संदर्भ में ‘अवस्तंभ मूल’ सबसे सटीक तकनीकी उत्तर है.

11. अशुद्धि से पूर्ण रूप से मुक्त परम शुद्ध जल को कहा जाता है:

(A) आसुत जल (B) खनिज जल (C) झरने का जल (D) उबला हुआ जल

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (A) आसुत जल (Distilled Water) है. आसवन (Distillation) की प्रक्रिया में पानी को उबालकर भाप बनाया जाता है और फिर उस भाप को ठंडा करके वापस तरल रूप में एकत्रित किया जाता है. इस प्रक्रिया में पानी में घुले खनिज, लवण और अन्य अशुद्धियाँ पीछे रह जाती हैं, जिससे प्राप्त जल रासायनिक रूप से पूर्णतः शुद्ध होता है. खनिज जल (Mineral water) में शरीर के लिए उपयोगी लवण होते हैं, इसलिए वह ‘परम शुद्ध’ (बिना किसी मिश्रण के) नहीं माना जाता. प्रयोगशालाओं और बैटरियों में इसी आसुत जल का उपयोग किया जाता है.

12. किस पद्धति द्वारा एक विलयन से विलेय प्राप्त किया जा सकता है?

(A) अवसादन (B) निस्तारण (C) छानना (D) वाष्पन

विस्तृत व्याख्या:

इस प्रश्न का सही उत्तर (D) वाष्पन (Evaporation) है. जब कोई ठोस पदार्थ (विलेय) किसी तरल (विलायक) में पूरी तरह घुल जाता है, तो उसे ‘छानकर’ अलग नहीं किया जा सकता. उदाहरण के लिए, पानी में घुले नमक को प्राप्त करने के लिए हम वाष्पन पद्धति का उपयोग करते हैं. इसमें मिश्रण को गर्म किया जाता है जिससे तरल (पानी) भाप बनकर उड़ जाता है और ठोस विलेय (नमक) पात्र के नीचे बच जाता है. ‘छानना’ (Filtration) केवल अघुलनशील अशुद्धियों को अलग करने के लिए प्रभावी है.

13. जल जनित रोग क्या है?

(A) डिफ्थीरिया (B) टिटनेस (C) हेपेटाइटिस (D) मलेरिया

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (C) हेपेटाइटिस (Hepatitis) है. हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के माध्यम से फैलता है, जो यकृत (Liver) को प्रभावित करता है. डिफ्थीरिया और टिटनेस बैक्टीरियल बीमारियाँ हैं लेकिन सीधे जल जनित श्रेणी में नहीं आतीं. मलेरिया एक ‘मच्छर जनित’ (Vector-borne) रोग है, न कि सीधे पानी पीने से होता है. हालांकि मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं, परंतु बीमारी फैलाने का माध्यम जल नहीं बल्कि संक्रमित एनोफिलीज मच्छर का काटना है. इसलिए तकनीकी रूप से हेपेटाइटिस यहाँ सबसे सटीक उत्तर है.

14. क्वार्ट्ज़ के अवयव हैं सिलिकॉन तथा:

(A) ऑक्सीजन (B) सल्फर (C) नाइट्रोजन (D) हाइड्रोजन

विस्तृत व्याख्या:

इसका सही उत्तर (A) ऑक्सीजन (Oxygen) है. क्वार्ट्ज़ (Quartz) का रासायनिक नाम ‘सिलिकॉन डाइऑक्साइड’ है और इसका रासायनिक सूत्र SiO2 होता है. यह पृथ्वी की ऊपरी सतह पर पाया जाने वाला दूसरा सबसे प्रचुर खनिज है. यह सिलिकॉन के एक परमाणु और ऑक्सीजन के दो परमाणुओं के मिलने से बनता है. क्वार्ट्ज़ का उपयोग घड़ी बनाने, कांच उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में व्यापक रूप से किया जाता है. यह अत्यंत कठोर और रासायनिक रूप से स्थिर खनिज है.

15. किसके जलने से सबसे अधिक वायु प्रदूषण होता है?

(A) कोयला (B) सी.एन.जी. (C) एल.पी.जी. (D) हाइड्रोजन

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (A) कोयला (Coal) है. कोयला एक जीवाश्म ईंधन है जिसमें कार्बन की मात्रा अधिक होती है. इसके जलने पर बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड  कार्बन मोनोऑक्साइड सल्फर डाइऑक्साइड और राख (Fly ash) निकलती है, जो वायुमंडल को गंभीर रूप से प्रदूषित करते हैं. इसके विपरीत, सी.एन.जी. (CNG) और एल.पी.जी. (LPG) स्वच्छ ईंधन माने जाते हैं. हाइड्रोजन को ‘भविष्य का ईंधन’ कहा जाता है क्योंकि इसके जलने पर केवल पानी की भाप निकलती है, जो प्रदूषण रहित है.

16. निम्न में से कौन-सा पदार्थ जल में नहीं घुलता है?

(A) दूध (B) शहद (C) अल्कोहल (D) तेल

विस्तृत व्याख्या :

इस प्रश्न का सही उत्तर (D) तेल (Oil) है। वैज्ञानिक रूप से, ‘समान समान को घोलता है’ (Like dissolves like) के नियम के अनुसार, ध्रुवीय विलायक (जैसे पानी) केवल ध्रुवीय पदार्थों को ही घोलते हैं। तेल एक अध्रुवीय (Non-polar) पदार्थ है और इसका घनत्व पानी से कम होता है, जिसके कारण यह पानी में घुलने के बजाय उसकी सतह पर एक अलग परत बना लेता है। इसके विपरीत, दूध, शहद और अल्कोहल पानी के साथ आसानी से मिश्रित हो जाते हैं क्योंकि वे ध्रुवीय गुण प्रदर्शित करते हैं या पानी के अणुओं के साथ हाइड्रोजन बंध बना सकते हैं।

17. उत्क्रमणीय परिवर्तन कौन-सा नहीं है?

(A) जल से वाष्प (B) लोहे का पिघलना (C) केरोसिन का जलना (D) भाप का संघनन

विस्तृत व्याख्या :

सही उत्तर (C) केरोसिन का जलना (Burning of kerosene) है। उत्क्रमणीय परिवर्तन (Reversible change) वह है जिसे वापस उसी अवस्था में लाया जा सके। केरोसिन का जलना एक रासायनिक परिवर्तन है, जिसमें ईंधन ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल वाष्प बनाता है, जिन्हें वापस केरोसिन में नहीं बदला जा सकता। अन्य विकल्पों में भौतिक परिवर्तन हो रहे हैं: जल से वाष्प बनना और भाप का संघनन केवल अवस्था परिवर्तन हैं। लोहे का पिघलना भी उत्क्रमणीय है क्योंकि ठंडा होने पर वह पुनः ठोस लोहा बन जाता है।

18. निम्न में से किस पदार्थ के अणुओं में एक ही प्रकार के परमाणु रहते हैं?

(A) ऑक्सीजन (B) जल (C) कार्बन डाइऑक्साइड (D) सल्फर डाइऑक्साइड

विस्तृत व्याख्या :

इसका सही उत्तर (A) ऑक्सीजन (Oxygen) है। ऑक्सीजन गैस का एक अणु दो ऑक्सीजन परमाणुओं के आपस में जुड़ने से बनता है, जिसमें दोनों परमाणु एक ही तत्व के होते हैं। इसे ‘समपरमाणुक अणु’ कहा जाता है। इसके विपरीत, जल, कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड ‘विषमपरमाणुक अणु’ या यौगिक हैं क्योंकि इनमें दो या दो से अधिक अलग-अलग तत्वों के परमाणु (जैसे हाइड्रोजन और ऑक्सीजन, या कार्बन और ऑक्सीजन) एक निश्चित अनुपात में जुड़े होते हैं।

प्रश्न: 19 निम्न में से कौन-सा सूत्र ओजोन का अणु दर्शाता है?

  • O₂ (B) O₃ (C) H₂O₂ (D) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (B- O₃ ,ओजोन ऑक्सीजन का एक अपररूप (Allotrope) है, जिसका एक अणु ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बना होता है। यह वायुमंडल की ऊपरी परत (स्ट्रैटोस्फीयर) में पाई जाती है और सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है।

20. निम्न में से कौन मिश्र धातु है?

(A) लोहा (B) सोना (C) स्टेनलेस स्टील (D) ताँबा

विस्तृत व्याख्या :

सही उत्तर (C) स्टेनलेस स्टील (Stainless steel) है। मिश्र धातु (Alloy) दो या दो से अधिक धातुओं या एक धातु और एक अधातु का समांगी मिश्रण होती है। स्टेनलेस स्टील मुख्य रूप से लोहा (Iron), क्रोमियम (Chromium) और निकेल (Nickel) के मिश्रण से बनाया जाता है, जिसमें थोड़ी मात्रा में कार्बन भी होता है। यह मिश्रण लोहे को जंग लगने से बचाता है और उसे मजबूती प्रदान करता है। इसके विपरीत, लोहा (Fe), सोना (Au) और ताँबा (Cu) शुद्ध तत्व (Elements) और प्राकृतिक धातुएँ हैं, न कि मिश्र धातुएँ।

21. 1 m2क्षेत्रफल पर अभिलंब रूप से कार्य करने वाला 1 न्यूटन बल के लिए दाब होगा:

(A) 1 जूल (B) 1 पास्कल ✅ (C) 1 वाट (D) 1 फैराड

उत्तर: (B) 1 पास्कल व्याख्या: दाब = बल/क्षेत्रफल।

 विस्तृत व्याख्या:

इस प्रश्न का सही उत्तर (B) 1 पास्कल है। भौतिक विज्ञान में दाब (Pressure) को प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल के रूप में परिभाषित किया जाता है।

22. 1 जूल में कितने अर्ग होते हैं?

(A) 107 ✅ (B) 105 (C) 10−7 (D) 1010

उत्तर: (A) 107 व्याख्या: 1 जूल = 107 अर्ग।

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (A) 17 है। जूल (Joule) कार्य और ऊर्जा की SI इकाई है, जबकि अर्ग (Erg) इसकी CGS प्रणाली (Centimetre-Gram-Second) में इकाई है। इनके बीच का संबंध निम्नलिखित गणना से समझा जा सकता है:

  23. किसी मशीन पर यांत्रिक कार्य करने हेतु प्रयुक्त बल कहलाता है:

(A) भार (Load) (B) प्रयास (Effort) (C) निर्गत (Output) (D) दक्षता (Efficiency)

विस्तृत व्याख्या: इसका सही उत्तर (B) प्रयास (Effort) है। सरल मशीनों के सिद्धांत में, वह बल जो हम मशीन को चलाने या किसी कार्य को करने के लिए उस पर लगाते हैं, उसे ‘प्रयास’ या ‘आयास’ (Effort) कहा जाता है। दूसरी ओर, वह प्रतिरोध या वजन जिसे मशीन उठाती या हटाती है, उसे ‘भार’ (Load) कहते हैं। निर्गत (Output) वह उपयोगी कार्य है जो मशीन द्वारा किया जाता है, और दक्षता (Efficiency) किए गए कार्य और दिए गए इनपुट का अनुपात होती है।

 24. प्राकृतिक चुम्बक का उदाहरण है:

(A) लोहा (B) स्टील (C) चुम्बक-पत्थर (Lodestone) (D) इनमें से सभी

विस्तृत व्याख्या:

सही उत्तर (C) चुम्बक-पत्थर (Lodestone) है। चुम्बक-पत्थर, जिसे वैज्ञानिक रूप से ‘मैग्नेटाइट’ ($Fe_3O_4$) कहा जाता है, प्रकृति में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक चुम्बकीय खनिज है। प्राचीन काल में इसका उपयोग दिशा खोजने के लिए किया जाता था क्योंकि स्वतंत्र रूप से लटकाने पर यह हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है। लोहा और स्टील चुम्बकीय पदार्थ तो हैं, लेकिन वे प्राकृतिक रूप से चुम्बक नहीं होते; उन्हें कृत्रिम प्रक्रिया द्वारा चुम्बकित किया जाता है।


25. कार्य करने की सामर्थ्य कहलाती है:

(A) शक्ति (Power) (B) ऊर्जा (Energy) (C) द्रव्यमान (Mass) (D) ऊष्मा (Heat)

विस्तृत व्याख्या:

इस प्रश्न का सही उत्तर (B) ऊर्जा (Energy) है। किसी वस्तु या व्यक्ति द्वारा कार्य करने की कुल क्षमता या सामर्थ्य को ऊर्जा कहते हैं। ऊर्जा के बिना कार्य संभव नहीं है। ध्यान दें कि अक्सर छात्र ‘शक्ति’ और ‘ऊर्जा’ में भ्रमित हो जाते हैं—’शक्ति’ कार्य करने की दर (Rate of doing work) है, जबकि ‘ऊर्जा’ कार्य करने की क्षमता है। द्रव्यमान पदार्थ की मात्रा है और ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप है जो तापमान के अंतर के कारण स्थानांतरित होती है।

मात्रा है और ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप है जो तापमान के अंतर के कारण स्थानांतरित होती है।

26. क्षेत्रफल की SI इकाई है:

(A) मिमी² (B) सेमी² (C) मी² ✅ (D) किमी²

उत्तर: (C) मी² व्याख्या: क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई। SI इकाई वर्ग मीटर है।

 वर्ग मीटर का ही उपयोग किया जाता है।

27. ऐंग्स्ट्रम क्या मापता है?

(A) द्रव की मात्रा (B) प्रकाश तरंगों की लंबाई (C) केबिलों की लंबाई (D) जहाजों की चाल

विस्तृत व्याख्या :

सही उत्तर (B) प्रकाश तरंगों की लंबाई (Wavelength of light waves) है। ऐंग्स्ट्रम लंबाई मापने की एक अत्यंत सूक्ष्म इकाई है। एक ऐंग्स्ट्रम 10-10 मीटर के बराबर होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से परमाणु के आकार, रासायनिक बंधों की लंबाई और प्रकाश की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। द्रव की मात्रा लीटर में, केबिलों की लंबाई मीटर/किलोमीटर में और जहाजों की चाल ‘नॉट’ (Knot) में मापी जाती है। सूक्ष्म विज्ञान (Microscopic science) में ऐंग्स्ट्रम एक बहुत ही महत्वपूर्ण पैमाना है।

28. एक कंघी का कागज के छोटे टुकड़ों को आकर्षित करने का कारण है:

(A) घर्षण जनित बल (B) चुम्बकीय बल (C) गुरुत्वीय बल (D) स्थिर वैद्युतिकीय बल

विस्तृत व्याख्या :

इस प्रश्न का सही उत्तर (D) स्थिर वैद्युतिकीय बल (Electrostatic force) है। जब हम कंघी को सूखे बालों में रगड़ते हैं, तो घर्षण के कारण कंघी पर कुछ विद्युत आवेश (Charge) आ जाता है। यह आवेशित कंघी जब उदासीन कागज के टुकड़ों के पास लाई जाती है, तो वह उनमें विपरीत आवेश प्रेरित (Induce) करती है, जिससे उनके बीच आकर्षण पैदा होता है। इसे ‘स्थिर विद्युत’ कहते हैं क्योंकि यह आवेश बहता नहीं है बल्कि सतह पर बना रहता है। यह चुम्बकीय बल नहीं है क्योंकि कागज चुम्बकीय पदार्थ नहीं है, और गुरुत्वीय बल द्रव्यमान के कारण होता है जो यहाँ मुख्य भूमिका में नहीं है।

29. बल को मापा जा सकता है:

(A) स्प्रिंग तुला के प्रयोग द्वारा (B) थर्मामीटर द्वारा (C) कैलोरीमीटर द्वारा (D) इनमें से कोई नहीं

विस्तृत व्याख्या :

सही उत्तर (A) स्प्रिंग तुला (Spring balance) है। स्प्रिंग तुला हुक के नियम (Hooke’s Law) पर कार्य करती है, जिसके अनुसार स्प्रिंग का खिंचाव उस पर लगाए गए बल के समानुपाती होता है। इसके माध्यम से हम किसी वस्तु के भार (जो एक प्रकार का बल है) या किसी खिंचाव वाले बल को माप सकते हैं। थर्मामीटर का उपयोग तापमान मापने के लिए किया जाता है और कैलोरीमीटर का उपयोग ऊष्मा की मात्रा (Quantity of heat) मापने के लिए होता है। बल की SI इकाई न्यूटन है और इसे मापने के लिए स्प्रिंग तुला सबसे सरल उपकरण है।

30. घर्षण को बढ़ाया जा सकता है:

(A) तेल का प्रयोग कर (B) सतहों पर नमी द्वारा (C) खुरदरी सतहों द्वारा (D) इनमें से सभी

विस्तृत व्याख्या :

इस प्रश्न का सही उत्तर (C) खुरदरी सतहों द्वारा है। घर्षण (Friction) दो सतहों के बीच की अनियमितताओं के कारण पैदा होता है। जब सतह अधिक खुरदरी होती है, तो ये अनियमितताएँ आपस में अधिक मजबूती से फंसती हैं, जिससे घर्षण बढ़ जाता है। इसके विपरीत, तेल (Lubricant) का प्रयोग करने या सतह पर नमी होने से वे अनियमितताएँ भर जाती हैं और सतह चिकनी हो जाती है, जिससे घर्षण कम हो जाता है। जूते के सोल और टायरों के नीचे की गोटी (Treads) जानबूझकर खुरदरी बनाई जाती हैं ताकि बेहतर पकड़ (घर्षण) मिल सके और हम फिसलें नहीं है।।

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