उत्तर प्रदेश परिषदीय विद्यालय साप्ताहिक प्रार्थना सारणी
स्कूल और विद्यालयों में दिन की शुरुआत प्रार्थना (प्रातः वंदना) से की जाती है। भारतीय संस्कृति में यह परंपरा गुरुकुलों के समय से चली आ रही है। प्रार्थना न केवल दिन की सकारात्मक शुरुआत करने में मदद करती है, बल्कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, एकता और नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है।
इन प्रार्थनाओं की महत्ता को समझते हुए बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश ने सप्ताह के प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग प्रार्थना गीतों के निर्देश जारी किए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी साप्ताहिक प्रार्थना सारणी
नीचे दी गई सारणी के अनुसार उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना कराई जाती है:
| दिन (Day) | प्रार्थना गीत (Prayer Song) |
| सोमवार | वह शक्ति हमें दो दयानिधे |
| मंगलवार | दया कर दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना |
| बुधवार | ऐ मालिक तेरे बंदे हम |
| गुरुवार | सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु |
| शुक्रवार | हर देश में तू, हर भेष में तू |
| शनिवार | इतनी शक्ति हमें देना दाता |
वह शक्ति हमें दो दयानिधे
वह शक्ति हमें दो दयानिधे
वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें !
पर-सेवा पर-उपकार में हम, निज-जीवन सफल बना जावें !
हम दीन-दुखी निबलों-विकलों के सेवक बन संताप हरें !
जो हैं अटके, भूले-भटके, उनको तारें खुद तर जावें !
छल, दंभ-द्वेष, पाखंड-झूठ, अन्याय से निशिदिन दूर रहें !
जीवन हो शुद्ध सरल अपना, शुचि प्रेम-सुधा रस बरसावें !
निज आन-मान, मर्यादा का प्रभु ध्यान रहे अभिमान रहे !
जिस देश-जाति में जन्म लिया, बलिदान उसी पर हो जावें !
दया कर दान भक्ति प्रार्थना
दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना।
दया करना हमारी आत्मा को शुद्धता देना।
हमारे ध्यान में आओ, प्रभु आँखों में बस जाओ।
अंधेरे दिल में आकर के परम ज्योति जगा देना।
दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना।
बहा दो प्रेम की गंगा, दिलो में प्रेम का सागर।
हमें आपस में मिलजुल कर, प्रभु रहना सिखा देना।
दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना।
हमारा धर्मं हो सेवा, हमारा कर्म हो सेवा
सदा ईमान हो सेवा, हो सेवकचर बना देना।
दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना।
वतन के वास्ते जीना, वतन के वास्ते मरना।
वतन पर जा फ़िदा करना, प्रभु हमको सिखा देना।
दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना।
ऐ मालिक तेरे बंदे हम ( Aye Malik Tere Bande Hum Lyrics in Hindi)
ऐ मालिक तेरे बंदे हम
ऐसे हो हमारे करम
नेकी पर चलें
और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम
.
जब जुल्मों का हो सामना
तब तू ही हमें थामना
वो बुराई करें
हम भलाई भरें
नहीं बदले की हो कामना
बढ़ उठे प्यार का हर कदम
और मिटे बैर का ये भरम
नेकी पर चलें
और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम
.
ये अंधेरा घना छा रहा
तेरा इनसान घबरा रहा
हो रहा बेखबर
कुछ न आता नज़र
सुख का सूरज छिपा जा रहा
है तेरी रोशनी में वो दम
जो अमावस को कर दे पूनम
नेकी पर चलें
और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम
.
बड़ा कमजोर है आदमी
अभी लाखों हैं इसमें कमीं
पर तू जो खड़ा
है दयालू बड़ा
तेरी कृपा से धरती थमी
दिया तूने हमें जब जनम
तू ही झेलेगा हम सबके गम
नेकी पर चलें
और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम