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पाचन तंत्र: सम्पूर्ण जानकारी | मानव पाचन तंत्र के महत्वपूर्ण तथ्य | UPSC SSC NEET
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📚 जीव विज्ञान — पाचन तंत्र
मानव पाचन तंत्र की
सम्पूर्ण जानकारी
महत्वपूर्ण तथ्य, एंजाइम, अंग, हार्मोन और परीक्षा उपयोगी नोट्स — UPSC, SSC, NEET, CTET के लिए
मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System) — यह वह जटिल प्रणाली है जो हमारे द्वारा खाए गए भोजन को ऐसे सरल अणुओं में बदलती है जिन्हें शरीर की कोशिकाएं उपयोग कर सकें। इस तंत्र की लंबाई लगभग 8-10 मीटर है और यह मुँह से लेकर गुदा तक फैला है। इस लेख में पाचन तंत्र के सभी 58 महत्वपूर्ण तथ्य दिए गए हैं जो UPSC, SSC, NEET, CTET जैसी सभी प्रमुख परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
8-10m
पाचन नाल की लंबाई
1.5kg
यकृत का औसत वज़न
300+
यकृत के कार्य
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1. पाचन तंत्र के प्रमुख अंग
Digestive System Organs — परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले तथ्य
मुखगुहा (Buccal Cavity) — पाचन की शुरुआत
पाचन की शुरुआत मुखगुहा से होती है। यहाँ भोजन को दाँतों द्वारा यांत्रिक रूप से चबाया जाता है और लार के साथ मिलाया जाता है। स्वाद ग्रंथियाँ (Taste Buds) जीभ पर होती हैं जो मीठा, खट्टा, नमकीन और कड़वा स्वाद पहचानती हैं।
🎯 SSC / CTET / Army
ग्रासनली (Oesophagus) — 25 cm की नली
ग्रासनली की लंबाई 25 cm होती है। यह ग्रसनी (Pharynx) को आमाशय से जोड़ती है। इसमें पेरिस्टेलसिस (Peristalsis) होती है जो भोजन को आगे धकेलती है। इसमें कोई पाचन नहीं होता। कार्डियक स्फिंक्टर इसे आमाशय से अलग करता है।
🎯 NEET / SSC
आमाशय (Stomach) — J-आकार का थैला
आमाशय एक J-आकार की मांसपेशीय थैली है। इसका pH 1.5–3.5 होता है। यहाँ HCl, पेप्सिन और रेनिन स्रावित होते हैं। भोजन यहाँ लगभग 2-4 घंटे रहता है और अर्धपचित काइम (Chyme) बनता है।
🎯 UPSC / NEET / RRB
छोटी आंत (Small Intestine) — 6-7 मीटर
छोटी आंत की लंबाई 6-7 मीटर होती है। इसके तीन भाग: ग्रहणी (Duodenum) → जेजुनम (Jejunum) → इलियम (Ileum)। यहाँ पूर्ण पाचन और पोषक तत्वों का अवशोषण होता है। विलाई (Villi) के कारण अवशोषण क्षेत्र 200-400 वर्गमीटर होता है।
💡 याद करें: Small Intestine = सबसे लंबी (6-7m) | Large Intestine = छोटी (1.5m) — उल्टा है!
🎯 सभी परीक्षाएं
बड़ी आंत (Large Intestine) — 1.5 मीटर
बड़ी आंत की लंबाई 1.5 मीटर होती है। इसमें कोई पाचन नहीं होता। इसका मुख्य कार्य पानी और खनिज लवणों का अवशोषण है। प्रतिदिन लगभग 1.5 लीटर पानी यहाँ सोखा जाता है। इसके भाग: सीकम → कोलन → मलाशय → गुदा।
🎯 CTET / SSC CHSL
अपेंडिक्स (Appendix) — अवशेषी अंग
वर्मीफार्म अपेंडिक्स बड़ी आंत के सीकम (Caecum) से जुड़ी होती है। यह मनुष्य में अवशेषी अंग (Vestigial Organ) है। लंबाई 8-10 cm। इसमें सूजन = अपेंडिसाइटिस (आपातकालीन स्थिति)।
🎯 SSC / RRB
📊 पाचन तंत्र का क्रम (Digestive Pathway)
- मुँह → ग्रासनली (25cm) → आमाशय → छोटी आंत (6-7m) → बड़ी आंत (1.5m) → गुदा
- पूरी यात्रा में भोजन को 24–72 घंटे लगते हैं
- पाचन नाल की कुल लंबाई = 8-10 मीटर
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2. पाचन ग्रंथियाँ
Digestive Glands — यकृत, अग्नाशय, पित्ताशय और लार ग्रंथियाँ
यकृत (Liver) — शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि
यकृत मानव शरीर का सबसे बड़ा और सबसे भारी आंतरिक अंग है (1.2-1.5 kg)। यह 300 से अधिक कार्य करता है। मुख्य कार्य: पित्त बनाना, ग्लाइकोजन संचय, अमोनिया → यूरिया, डिटॉक्सिफिकेशन। प्रतिदिन 500-1000 mL पित्त बनाता है।
💡 Liver = Largest — दोनों ‘L’ से शुरू!
🎯 UPSC / RRB / SSC
अग्नाशय (Pancreas) — मिश्रित ग्रंथि
अग्नाशय एक मिश्रित ग्रंथि (Heterocrine) है। बाह्यस्रावी भाग → अग्नाशयी रस (एमाइलेज, ट्रिप्सिन, लाइपेज) → ग्रहणी में। अंतःस्रावी भाग → लैंगरहैंस के आइलेट्स → इंसुलिन (Beta cells), ग्लूकागन (Alpha cells)। लंबाई 12-15 cm।
🎯 SSC CGL / NEET
पित्ताशय (Gallbladder) — पित्त का संग्रह
पित्त का निर्माण = यकृत में। पित्त का संचय = पित्ताशय में। पित्त में कोई एंजाइम नहीं होता — यह केवल वसा का इमल्सीकरण करता है। पित्त का pH = 7.7-8.6 (क्षारीय)। पित्त में बिलीरुबिन, कोलेस्ट्रॉल, पित्त लवण होते हैं।
💡 बनाना = यकृत | रखना = पित्ताशय — Factory vs. Warehouse!
🎯 NEET / UPPCS
लार ग्रंथियाँ (Salivary Glands) — तीन जोड़ी
तीन जोड़ी लार ग्रंथियाँ: पैरोटिड (सबसे बड़ी) — कान के पास | सबमैंडिबुलर — जबड़े के नीचे | सब्लिंगुअल (सबसे छोटी) — जीभ के नीचे। Mumps रोग में पैरोटिड में सूजन। लार का pH = 6.8।
🎯 Medical / NEET
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3. पाचन एंजाइम
Digestive Enzymes — सबसे अधिक परीक्षाओं में पूछे जाने वाले तथ्य
| एंजाइम | स्रोत | क्रिया | उत्पाद |
|---|---|---|---|
| टायलिन (Ptyalin) | लार ग्रंथि | स्टार्च → माल्टोज | माल्टोज |
| पेप्सिन | आमाशय | प्रोटीन → पेप्टोन | पेप्टोन |
| रेनिन | आमाशय | दूध का केसीन जमाना | Curdled Casein |
| ट्रिप्सिन | अग्नाशय | प्रोटीन → पेप्टाइड | छोटे पेप्टाइड |
| कीमोट्रिप्सिन | अग्नाशय | प्रोटीन काटना | पेप्टाइड |
| अग्नाशयी एमाइलेज | अग्नाशय | स्टार्च → माल्टोज | माल्टोज |
| लाइपेज | अग्नाशय | वसा → FA + Glycerol | फैटी एसिड + ग्लिसरॉल |
| माल्टेज | छोटी आंत | माल्टोज → ग्लूकोज | ग्लूकोज |
| लैक्टेज | छोटी आंत | लैक्टोज → Glu+Gal | ग्लूकोज + गैलेक्टोज |
| एरेप्सिन | छोटी आंत | पेप्टाइड → अमीनो एसिड | अमीनो एसिड |
| एंटेरोकाइनेज | छोटी आंत | ट्रिप्सिनोजेन सक्रिय | ट्रिप्सिन |
| लाइसोज़ाइम | लार | बैक्टीरिया की दीवार तोड़ना | बैक्टीरिया नष्ट |
अग्नाशयी रस — पूर्ण पाचक रस
अग्नाशयी रस (Pancreatic Juice) को ‘पूर्ण पाचक रस’ कहा जाता है क्योंकि इसमें तीनों प्रकार के एंजाइम होते हैं: एमाइलेज (कार्बोहाइड्रेट) + ट्रिप्सिन (प्रोटीन) + लाइपेज (वसा)। इसका pH = 7.5-8.3 (क्षारीय)।
💡 अग्नाशय = तीनों का उस्ताद!
🎯 BPSC / RRB NTPC
एंजाइम निष्क्रिय रूप में क्यों बनते हैं?
पेप्सिनोजेन, ट्रिप्सिनोजेन, कीमोट्रिप्सिनोजेन — ये सभी निष्क्रिय (Zymogen) रूप में बनते हैं। यदि ये सक्रिय रूप में बनें तो ग्रंथि अपने आप को ही पचा ले। पेप्सिनोजेन → HCl से → पेप्सिन। ट्रिप्सिनोजेन → एंटेरोकाइनेज से → ट्रिप्सिन।
🎯 NEET / AIIMS
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4. पाचन रसों का pH
pH Values — परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले संख्यात्मक तथ्य
| पाचन रस | pH मान | प्रकृति | मुख्य कार्य |
|---|---|---|---|
| लार (Saliva) | 6.8 | हल्का अम्लीय | स्टार्च पाचन (टायलिन) |
| जठर रस (Gastric Juice) | 1.5 – 3.5 | अत्यंत अम्लीय | प्रोटीन पाचन, बैक्टीरिया नाश |
| पित्त (Bile) | 7.7 – 8.6 | क्षारीय | वसा इमल्सीकरण |
| अग्नाशयी रस | 7.5 – 8.3 | क्षारीय | तीनों का पाचन |
| छोटी आंत का रस | 7.8 – 8.3 | क्षारीय | अंतिम पाचन |
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5. पाचन के अंतिम उत्पाद
End Products of Digestion — सबसे महत्वपूर्ण तथ्य
कार्बोहाइड्रेट → ग्लूकोज
पाचन क्रम: स्टार्च → माल्टोज → ग्लूकोज। मुँह में टायलिन → ग्रहणी में अग्नाशयी एमाइलेज → छोटी आंत में माल्टेज → अंततः ग्लूकोज। ग्लूकोज रक्त में अवशोषित होता है और पोर्टल शिरा द्वारा यकृत पहुँचता है।
🎯 NEET / SSC CHSL
प्रोटीन → अमीनो एसिड
पाचन क्रम: प्रोटीन → पेप्टोन → पेप्टाइड → अमीनो एसिड। आमाशय में पेप्सिन → अग्नाशय में ट्रिप्सिन/कीमोट्रिप्सिन → छोटी आंत में एरेप्सिन → अमीनो एसिड। ये रक्त केशिकाओं में अवशोषित होते हैं।
🎯 सभी परीक्षाएं
वसा → फैटी एसिड + ग्लिसरॉल
वसा का पाचन: पित्त लवण द्वारा इमल्सीकरण → लाइपेज द्वारा → फैटी एसिड + ग्लिसरॉल। ये लसिका वाहिकाओं (Lacteals) में अवशोषित होते हैं — रक्त में नहीं। वक्ष वाहिनी (Thoracic Duct) से रक्त में मिलते हैं।
💡 Fat = Lymph Highway — सीधे blood में नहीं जाती!
🎯 NEET / UPSC
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6. पाचन हार्मोन
Digestive Hormones — NEET और UPSC में अक्सर पूछे जाते हैं
इंसुलिन (Insulin) — रक्त शर्करा नियंत्रक
अग्नाशय की लैंगरहैंस की आइलेट्स की बीटा (β) कोशिकाओं द्वारा स्रावित। रक्त शर्करा कम करता है। कमी = मधुमेह (Diabetes Mellitus)। ग्लूकागन (अल्फा कोशिकाएं) इसका विरोधी हार्मोन है।
💡 Insulin = IN जाओ (glucose को cell के अंदर भेजता है!)
🎯 SSC CGL / UPSC / RRB
Secretin — पहला हार्मोन
ग्रहणी की S-cells द्वारा अम्लीय काइम आने पर स्रावित। यह अग्नाशय को NaHCO₃ (बाइकार्बोनेट) स्रावित करने का संकेत देता है जो HCl को उदासीन करता है। यह इतिहास का पहला हार्मोन था — 1902 में Bayliss और Starling ने खोजा।
🎯 NEET / Medical PG
Cholecystokinin (CCK) — पित्त बुलाने वाला
छोटी आंत की I-cells द्वारा वसा और प्रोटीन आने पर स्रावित। यह पित्ताशय को सिकोड़कर पित्त ग्रहणी में भेजता है। साथ ही अग्नाशय से एंजाइम स्राव करवाता है। CCK भूख दबाने का काम भी करता है।
💡 CCK = पित्ताशय को Call करो!
🎯 NEET / AIIMS
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7. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
Important Facts — परीक्षाओं में बार-बार आने वाले विशेष तथ्य
दाँतों का इनेमल — सबसे कठोर पदार्थ
दाँतों का इनेमल (Enamel) मानव शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। यह हाइड्रोक्सीएपेटाइट (कैल्शियम फॉस्फेट) से बना है। Mohs Scale पर कठोरता 5-6। एक बार टूटने पर स्वयं नहीं जुड़ता — इसमें कोशिकाएं नहीं होतीं। स्थायी दाँत = 32 | दूध के दाँत = 20।
🎯 SSC MTS / KVS
मल का भूरा रंग — स्टेरकोबिलिन
मल का भूरा रंग स्टेरकोबिलिन (Stercobilin) के कारण है। यह बिलीरुबिन → पित्त → आंत में बैक्टीरिया → स्टेरकोबिलिन। पीलिया में पित्त नहीं पहुँचता → मल पीला/मिट्टी रंग हो जाता है।
🎯 UPSC / State PSC
सेलुलोज़ पाचन क्यों नहीं?
मनुष्य में सेलुलेज़ (Cellulase) एंजाइम नहीं होता इसलिए सेलुलोज़ नहीं पचता। यह आहार रेशा (Dietary Fiber) बन जाता है जो कब्ज़ रोकता है। गाय-भैंस में रूमेन के बैक्टीरिया सेलुलेज़ बनाते हैं।
🎯 CTET / UPSC
पेरिस्टेलसिस (Peristalsis) — तरंगी गति
पेरिस्टेलसिस — आहार नाल की दीवार की तरंगी मांसपेशीय संकुचन गति जो भोजन को आगे धकेलती है। यह अनैच्छिक क्रिया है। अनुदैर्ध्य और वृत्ताकार दोनों मांसपेशियों से होती है। ग्रासनली में पेरिस्टेलसिस के कारण हम उल्टा भी खा सकते हैं।
🎯 CTET / NEET
विटामिन B12 — इंट्रिंसिक फैक्टर आवश्यक
विटामिन B12 के अवशोषण के लिए इंट्रिंसिक फैक्टर (Intrinsic Factor) आवश्यक है जो आमाशय की पैराइटल कोशिकाओं द्वारा बनता है। इसकी कमी = परनिशियस एनीमिया (Pernicious Anemia)। यह एकमात्र विटामिन है जिसे ‘सहायक’ चाहिए।
🎯 NEET / Medical
गैस्ट्रिक अल्सर — H. pylori
गैस्ट्रिक अल्सर का मुख्य कारण Helicobacter pylori (H. pylori) बैक्टीरिया है। यह म्यूकस परत नष्ट करता है → HCl आमाशय की दीवार को जलाता है। अन्य कारण: NSAIDs, शराब, धूम्रपान। उपचार: एंटीबायोटिक्स + Omeprazole।
🎯 NEET / Medical PG
सीलिएक रोग — ग्लूटेन असहिष्णुता
सीलिएक रोग (Coeliac Disease) — ऑटोइम्यून रोग जिसमें ग्लूटेन (Gluten) छोटी आंत के विलाई को नष्ट करता है। ग्लूटेन = गेहूँ, जौ, राई में। इससे Malabsorption (कुअवशोषण) होता है। उपचार = Gluten-Free Diet।
🎯 NEET / Medical
लैक्टोज असहिष्णुता — Lactase की कमी
लैक्टोज असहिष्णुता (Lactose Intolerance) — लैक्टेज एंजाइम की कमी से दूध का लैक्टोज नहीं पचता। शिशुओं में लैक्टेज अधिक होता है, वयस्कों में कम। लक्षण: गैस, दस्त, पेट दर्द।
🎯 Medical / Biology
पित्ताशय पथरी — Cholesterol क्रिस्टल
पित्ताशय की पथरी मुख्यतः कोलेस्ट्रॉल क्रिस्टल से बनती है। कारण: बिलीरुबिन की अधिकता, पित्त लवणों में असंतुलन। इससे पित्त नलिका बंद → पीलिया। उपचार: Cholecystectomy (पित्ताशय निकालना)।
🎯 UPSC / State PSC
यूरिया चक्र — यकृत में
यूरिया चक्र (Ornithine Cycle) — यकृत में होता है। प्रोटीन टूटने से अमोनिया (NH₃) बनती है जो विषाक्त है → यकृत इसे यूरिया में बदलता है → रक्त से वृक्क → मूत्र में बाहर।
🎯 NEET / Biochemistry / UPSC
आंत्र वनस्पति (Gut Flora) — उपयोगी बैक्टीरिया
बड़ी आंत में Lactobacillus, Bifidobacterium जैसे उपयोगी बैक्टीरिया रहते हैं। ये विटामिन K और B12 बनाते हैं। प्रतिरक्षा तंत्र मज़बूत करते हैं। एंटीबायोटिक लेने से ये नष्ट → दस्त।
🎯 NEET / Biology
काइम और काइलस — दो महत्वपूर्ण शब्द
काइम (Chyme) = आमाशय में बना अर्धपचित भोजन का अम्लीय मिश्रण। काइलस (Chyle) = लसिका वाहिकाओं में वसा का दूधिया तरल। इन्हें परीक्षाओं में अक्सर उलझाकर पूछा जाता है।
🎯 NEET / Medical
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8. स्फिंक्टर और संरचनाएं
Sphincters — पाचन नाल के दरवाज़े
| स्फिंक्टर | स्थान | कार्य |
|---|---|---|
| कार्डियक स्फिंक्टर | ग्रासनली–आमाशय | भोजन वापस ग्रासनली में न जाए |
| पाइलोरिक स्फिंक्टर | आमाशय–ग्रहणी | काइम धीरे-धीरे ग्रहणी में जाए |
| आइलियोसीकल वाल्व | छोटी–बड़ी आंत | बड़ी आंत की सामग्री वापस न जाए |
| Sphincter of Oddi | ग्रहणी में | पित्त/अग्नाशयी रस नियंत्रण |
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9. विशेष कोशिकाएं और संरचनाएं
Special Cells — NEET में अक्सर पूछे जाते हैं
| कोशिका/संरचना | स्थान | कार्य |
|---|---|---|
| ऑक्सिन्टिक/पैराइटल कोशिका | आमाशय | HCl + Intrinsic Factor स्राव |
| Chief/Peptic कोशिका | आमाशय | पेप्सिनोजेन स्राव |
| गोब्लेट कोशिका | आहार नाल | म्यूकस स्राव |
| विलाई (Villi) | छोटी आंत | अवशोषण क्षेत्र बढ़ाना |
| लैक्टील्स (Lacteals) | विलाई में | वसा अवशोषण |
| ब्रनर्स ग्रंथि | ग्रहणी | क्षारीय म्यूकस (HCl से रक्षा) |
| Beta कोशिका | अग्नाशय | इंसुलिन स्राव |
| Alpha कोशिका | अग्नाशय | ग्लूकागन स्राव |
🚀 त्वरित दोहराव — परीक्षा से पहले याद करें
- सबसे बड़ी ग्रंथि = यकृत (Liver) | पूर्ण पाचक रस = अग्नाशयी रस
- पित्त बनाना = यकृत | पित्त रखना = पित्ताशय
- सबसे कठोर पदार्थ = इनेमल | सबसे लंबी आंत = छोटी आंत (6-7m)
- इंसुलिन = Beta cells | ग्लूकागन = Alpha cells
- पहला हार्मोन = Secretin (1902) | पित्त में एंजाइम = नहीं होता
- वसा अवशोषण = लसिका (Lymph) | ग्लूकोज/अमीनो एसिड = रक्त
- दाँत की संख्या = 32 (स्थायी), 20 (दूध के)
- मल का रंग = स्टेरकोबिलिन | पेट की आवाज़ = Borborygmi
🎓 निष्कर्ष
मानव पाचन तंत्र एक अत्यंत जटिल और अद्भुत प्रणाली है। इन 58 तथ्यों को अच्छी तरह याद कर लें तो UPSC, SSC, NEET, CTET सभी परीक्षाओं में इस टॉपिक से आने वाले प्रश्न आसानी से हल कर सकते हैं।
Disclaimer
The questions and facts provided in this article are based on previous years’ TET exam papers (CTET, UPTET, REET, etc.) and standard NCERT textbooks. While every effort has been made to ensure the accuracy of exam names, years, and scientific facts, please note the following:
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