- भारतीय गेंदबाज ने टी-20 विश्वकप में अपने फॉर्म में वापसी की है, उनके अपने खेल के जुनून से जुड़ी खास बातें, उन्हीं की जुबानी… जब छोटा था, तब कभी नहीं लगा […]
- किताबों से जानिए, कैसे कई क्षेत्रों की समझ आपको अधिक रचनात्मक बनाती है… विभिन्न कौशल सीखने से नया दृष्टिकोण बनता है अक्सर यह माना जाता है कि किसी एक क्षेत्र में […]
- एक मैनेजर के तौर पर क्या आप वास्तव में अपनी टीम को वह मार्गदर्शन, कोचिंग और सहयोग दे रहे हैं, जिसकी उसे आवश्यकता है? उत्कृष्ट लीडर्स समझते हैं कि लोग समय […]
- मेरे हिस्से के किस्से में आज बात सलीम-जावेद की जोड़ी के सलीम खान साहब की। इन्हें मैं प्यार और सम्मान से हमेशा सलीम अंकल ही कहता हूं। बात शायद 1992-93 की […]
- जापान में एक ऐसी कहानी सुनाई जाती है जो समय की हमारी समझ को चुनौती देती है। कहते हैं कि एक बार एक मछुआरे के जाल में एक कछुआ फंस गया। […]
- आज की सुबह मस्ती का नशा बिखेरती चली गई। खालीपन का एक लक्षण जानने योग्य है। जब उसे अच्छे विचारों की धूप और सुगंध मिलती है, तब वह सार्थक हो उठता […]
- एंड्रयू कार्नेगी स्कॉटिश-अमेरिकी उद्योगपति थे। अमेरिकी इस्पात उद्योग का नेतृत्व किया। इतिहास के सबसे धनी अमेरिकियों में थे। 1. जो व्यक्ति अपने मन पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लेता है, वह […]
- अक्सर किसी महफिल या मीटिंग के बाद हमें अपनी निजी बातें साझा करने पर ‘डिस्क्लोजर हैंगओवर’ यानी पछतावा होता है। लगता है कि ज्यादा बोलना हमारे करिअर या छवि के लिए […]
- अगर आप देर रात तक जागने वालों में से हैं, तो यह आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकता है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में […]
- आज के दौर में ‘वायरल’ होना आम बात है, पर एक बेटे के लिए इसका अर्थ तब बदल गया जब उसके 89 साल के पिता ने उसे ‘वायरस’ कह दिया। यह […]
- समाज हमें सिखाता है कि दोस्त होना जरूरी है। करीबी दोस्त न हों तो इसे कमी माना जाता है, जैसे कुछ गलत हो गया हो। लेकिन हालिया मनोवैज्ञानिक शोधों से पता […]
- कभी माना जाता था कि इंसान का चेहरा उसकी सबसे खास और स्थायी पहचान है। समाजशास्त्री जॉर्ज सिमेल का कहना था कि हमारी आंखें, नाक और मुंह मिलकर एक ऐसा चेहरा […]
- क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप ‘सोच’ रहे होते हैं, तो आपके दिमाग के भीतर असल में क्या चल रहा होता है? अमेरिका के लेखक माइकल पोलन ने इस […]
- अक्सर लोग काम से ब्रेक के नाम पर दो हफ्ते की छुट्टी या किसी लंबे वीकेंड के बारे में सोचते हैं। लेकिन कुछ लोग इससे भी बड़ा साहस दिखाते हैं और […]
- तनाव और दबाव को अक्सर हम नकारात्मक शक्ति मानते हैं, पर विज्ञान का दूसरा पहलू यह भी है कि सही मात्रा में दबाव इंसान को ‘निखारने’ का काम करता है। विशेषज्ञ […]
- जिंदगी अगर सिर्फ जिम्मेदारियों, तनाव और दुख देने वाली खबरों का सिलसिला बन जाए, तो इंसान भीतर से थकने लगता है। वॉशिंगटन की सामंथा ग्रिंडेल कुछ ऐसा ही महसूस कर रही […]
- उम्र बढ़ना स्वाभाविक है, पर खुश रहना आपके हाथ में है। बुजुर्गों के स्वास्थ्य व मानसिक संतुलन पर हुए शोध कहते हैं कि 60 वर्ष के बाद खुशी का स्तर आपकी […]
- इंसान सदियों से बढ़ती उम्र यानी बुजुर्ग अवस्था को अनिवार्य बीमारी की जड़ मानता रहा है। अब आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं और तकनीकी खोजों ने इसे एक चुनौती के रूप में देखा […]
- आपने कई बार गौर किया होगा कि परिवार या दोस्तों के साथ किसी सामाजिक, राजनीतिक या धार्मिक मुद्दे पर बहस करते समय अचानक गला सूखने लगता है। गुस्सा बढ़ने लगता है। […]