- न्यू हैम्पशायर के ‘व्हाइट माउंटेंस’ की सीधी, पथरीली चढ़ाई के सामने खड़ा होता हूं, तो गहरी सांस लेकर खुद से बस एक ही बात कहता हूं… आज के दिन बस ‘गिरना […]
- चीन के युवा आजकल गाड़ियां, मकान या महंगे गैजेट्स नहीं, बल्कि ‘भावनाएं’ और ‘सुकून’ खरीद रहे हैं। भविष्य की चिंता, सैलरी न बढ़ना और बेरोजगारी के तनाव से घिरे ये युवा […]
- आंख, कान, नाक, जीभ और त्वचा… बचपन से हम यही पढ़ते आए हैं कि इंसान के पास यही पांच इंद्रियां (सेंस) होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर […]
- घर पर पार्टी या बड़ा आयोजन है और आप चाहते हैं कि सेलेब्रिटी शेफ खुद आकर पकाएं और मौके को यादगार बना दें… बिल्कुल! यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। […]
- दक्षिण कोरिया में नौकरी की व्यस्तता, कम सामाजिक मेलजोल, अकेलापन और डिजिटल जीवनशैली ने रिश्ते बनाने के मौके कम कर दिए हैं। शादियां कम हो रही हैं। ऐसे में बौद्ध भिक्षु […]
- कुछ साल पहले कॉर्नवाल (ब्रिटेन) में समुद्र के किनारे एक चट्टान पर खड़े पूर्व ब्रिटिश सैनिक डेव फिलिप्स (67) जिंदगी खत्म करने की सोच रहे थे। अपनों को खोने का गम […]
- बारिश में बुजुर्गों की सेहत:मौसम के बदलते मिजाज से बढ़ता है जोड़ों का दर्द; इन उपायों से मिलेगी राहतमानसून में जुलाई का माह बुजुर्गों के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और भारतीय रूमेटोलॉजी एसोसिएशन की रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस दौरान जोड़ों […]
- देश के वरिष्ठ नागरिक अब सिर्फ तीर्थयात्रा नहीं, लग्जरी, वेलनेस, क्रूज और विदेश यात्राओं पर भी खर्च बढ़ा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों में सिंगल और कपल ट्रेवल का चलन भी बढ़ […]
- ‘मैं खुद को शांत, समझदार व सभ्य मानता हूं। सुपरमार्केट में मेरी ट्रॉली किसी का रास्ता नहीं रोकती, सड़क पर कोई कितना भी दुर्व्यवहार करे, मैं मुस्करा देता हूं। पर घर […]
- ‘हमारे जमाने में ऐसा नहीं होता था…’ या ‘पुराने दिन भी क्या दिन थे!’ ये जुमले आपने बुजुर्गों से या शायद खुद अपने मुंह से कई बार सुने होंगे। वर्तमान से […]
- आप मानें या नहीं, लेकिन हर व्यक्ति किसी न किसी झूठ या भ्रम में उलझा है। मनोवैज्ञानिकों और दार्शनिकों का दावा है कि मोटे तौर पर हर व्यक्ति कम से कम […]
- मार्क ट्वेन अमेरिकी लेखक, व्यंग्यकार और हास्यकार थे, जिन्हें विश्व साहित्य के सबसे महान कथाकारों में गिना जाता है। 1. यदि आप सच बोलते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की […]
- सिंगर बीबर फीफा वर्ल्डकप की फाइनल सेरेमनी में परफॉर्मेंस को लेकर चर्चा में हैं। हर बार वो जब किसी बुरे दौर में फंसते हैं तो और मजबूत होकर निकलते हैं, आखिर […]
- किताबों से जानिए, कैसे हम दूसरों की उम्मीदों को पूरा करने में लगे रहते हैं और सबको खुश करने की कोशिश हमें ही परेशान करती है? सबको खुश करने की कोशिश […]
- भावनाएं संक्रामक होती हैं। यदि आप ऐसे लोगों के साथ काम करते हैं जो खुश और आशावादी हैं, तो आपकी भी वैसा महसूस करने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन इसका […]
- करीब 400 वर्ष पहले केरल में प्रचलित हुई कुछ दंतकथाएं हमें उसके रहस्यमय अतीत की ओर ले जाती हैं। इन कथाओं के अनुसार, जिस भूमि पर आज केरल स्थित है, उसे […]
- फिल्मों के मशहूर एक्टर बलराज साहनी जी से कौन परिचित नहीं होगा! आज मेरे हिस्से के किस्से में बात इन्हीं बलराज जी की। बात कुछ महीनों पुरानी है। मैं और जावेद […]
- ‘हमारे जमाने में ऐसा नहीं होता था ’ या ‘पुराने दिन भी क्या दिन थे!’ ये जुमले आपने बुजुर्गों से या शायद खुद अपने मुंह से कई बार सुने होंगे। वर्तमान […]
- माइग्रेन, नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले तेज सिरदर्द का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा माइग्रेन भी होता है जिसमें सिर में दर्द नहीं […]