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  • हिंदू धर्म और भारतीय परंपराओं में भगवान की पूजा-अर्चना और भक्ति का गहरा आध्यात्मिक ऊर्थ होता है। अक्सर हमारे घर के बड़े-बूढ़े या फिर मंदिर के पुजारी सलाह देते हैं कि कभी भी हमें ठाकुर जी की प्रतिमा के दर्शन बिल्कुल सामने से दर्शन नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह सिर्फ एक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक कारण छिपे हैं। चाहे घर का छोटा सा मंदिर […]
  • मां कामाख्या देवी शक्ति की सबसे पूजनीय रूपों में से एक हैं। मां कामाख्या असीम आध्यात्मिक शक्ति और तंत्र साधना से जुड़ी देवी हैं। मां कामाख्या की दिव्य ऊर्जा का आह्वान इच्छाओं की पूर्ति, आध्यात्मिक उन्नति और समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है। असम में पवित्र कामाख्या मंदिर है।  असम में स्थित कामाख्या मंदिर तंत्र साधना का एक प्रसिद्ध केंद्र है और यह 51 शक्तिपीठों में से एक […]
  • देवी सरस्वती को ज्ञान को विद्या की देवी कहा जाता है। सरस्वती मां की पूजा-अर्चना करने से जातक को बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद मिलता है। मां सरस्वती की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। लेकिन अगर आप मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ ही कुछ विशेष मंत्रों का जाप करते हैं, तो ज्ञान की देवी सरस्वती हमसे प्रसन्न होती हैं। ऐसे में […]
  • भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, किसी भी शुभ काम को करने से पहले गणेश जी की पूजा-आरती की जाती है। भगवान गणेश की पूजा आरती करने से जातक के सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। लेकिन भगवान गणेश की पूजा आरती के बिना अधूरी मानी जाती है।  इसलिए पूजा के समापन के बाद भगवान गणेश की आरती की जाती है। ऐसे में अगर आप भी भगवान गणेश को प्रसन्न […]
  • मां बगुलामुखी दस महाविद्याओं में से 8वीं महाविद्या के रूप में पूजी जाती हैं। वहीं कलियुग में भी मां बगुलामुखी का स्थान अत्यंत विशिष्ट हैं। मां बगुलामुखी को शक्ति की उग्र स्वरूपा देवी माना जाता है। मां बगुलामुखी को शत्रुओं का नाश, विजय की प्राप्ति और भय का अंत करने में सहायक मानी जाती हैं। अक्सर भक्त मां बगुलामुखी की पूजा वाक् और बुद्धि पर नियंत्रण, विपरीत परिस्थितियों से रक्षा […]
  • श्री रुक्मिणी अष्टकम स्त्रोत मां रुक्मिणी को समर्पित है। जो भी जाकर नियमित रूप से श्री रुक्मिणी अष्टकम स्त्रोत का पाठ करता है, उसके विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती है। साथ ही जातक के दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।  मां रुक्मिणी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में इस स्त्रोत का पाठ करने से जातक पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि […]
  • हिंदू धर्म में शनिवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन शनिदेव और हनुमान जी की पूजा अर्चना की जाती है। अगर शनिवार को हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, तो जातक को शनिदेव और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। वहीं हनुमान जी के शरणागत रहने वाले जातकों पर शनिदेव की कृपा बरसती है। धार्मिक शास्त्रों में भी इस बात का उल्लेख मिलता […]
  • भगवान विष्णु, भगवान शंकर और ब्रह्मदेव को त्रिदेव कहा जाता है। वहीं भगवान श्रीहरि विष्णु को जगत का पालनहार भी कहा जाता है। भारत में भगवान विष्णु को समर्पित कई प्रसिद्ध मंदिर हैं। श्रीहरि विष्णु के इन प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन करने मात्र से जातक को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको दक्षिण भारत में स्थित भगवान विष्णु के प्रसिद्ध मंदिरों […]
  • महाभारत की कथा में माता कुंती का व्यक्तित्व बेहद धैर्यवान और संघर्षपूर्ण रहा है। वह सिर्फ पांडवों की मां नहीं बल्कि सहनशक्ति और धर्म की प्रतिमूर्ति मानी जाती थीं। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि कुंती का जन्म साधारण नहीं था। बल्कि वह एक दिव्य शक्ति का अंश थीं। कुंती का पूरा जीवन त्याग और तपस्या का एक मिसाल रहा है। उन्होंने कुरुवंश की नींव को संभाले रखा। माता […]
  • केरल के तिरुवनंतपुरम में भगवान विष्णु को समर्पित पद्मनाभस्वामी मंदिर स्थित है। यह मंदिर सदियों से आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहा है। लेकिन बीते कुछ दशकों में पद्मनाभस्वामी मंदिर की पहचान सिर्फ भगवान विष्णु के पवित्र मंदिर ही नहीं बल्कि रहस्यमयी मंदिर के रूप में भी हुई है। साल 2011 में जब पद्मनाभस्वामी मंदिर के 6 दरवाजों को खोला गया था, तब इसमें से बेशुमार खजाना निकला था। वहीं […]
  • नए साल की बेहतरीन शुरुआत करने के लिए लोग धार्मिक स्थलों पर जरुर घूमने जाते हैं। इस बीच कई लोग नववर्ष को अच्छे से मनाने के लिए मथुरा-वृंदावन जरुर जाते हैं। नया साल आने में बस कुछ समय शेष बचा है। ऐसे में अभी से मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। इन दिनों श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। साल के आखिरी […]
  • श्रीहरि के वचनों से अति उत्साहित नारद मुनि अपनी ही दुनिया में मस्त हो गये। भले ही उनके समक्ष साक्षात नारायण सुशोभित थे। किंतु मुनि के मस्तिष्क पर तो विश्वमोहिनी का शासन हो चुका था। अज्ञानी लोग जैसे आदि शक्ति को प्रसन्न करने के लिए, बकरे की बलि देते हैं, ठीक वैसे ही, नारद मुनि विष्णु भगवान को एक बलि के बकरे से अधिक कुछ नहीं मान रहे थे। काम […]
  • गंगा किनारे बसा बनारस एक बेहद महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यह प्राचीन होने के अलावा आध्यात्मिक दृष्टि से भी खास महत्व रखता है। वहीं बनारस का भगवान शिव से भी संबंध माना जाता है। आमतौर पर श्रद्धालु हरिद्वार और प्रयागराज से गंगाजल लाते हैं और इन जगहों से गंगाजल लाना शुभ भी माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बनारस से गंगाजल लाने की मनाही होती है। जिसके पीछे […]
  • हिंदू धर्म में रामरक्षास्त्रोत का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं इसका पाठ करके भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त की जा सकती है। वैसे तो इसका पाठ कभी भी शुरू किया जा सकता है। रामरक्षास्त्रोत का पाठ करने से व्यक्ति को हर मुश्किल में सफलता मिलती है। यह एक ऐसा कवच है, जिसका रोजाना पाठ करने से अत्यधिक लाभ मिलने के साथ ही जल्द ही फल भी मिलता है। रामरक्षास्त्रोत […]
  • काल भैरव मंदिर में दर्शन और पूजा करने की चाहत हर किसी को होती है। लेकिन कई बार अलग-अलग कारणों की वजह से लोग दर्शन या पूजा के लिए नहीं जा पाते हैं। लेकिन अगर आप भी किसी कारणवश कालभैरव मंदिर दर्शन औऱ पूजा के लिए नहीं जा पा रहे हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अब ऑनलाइन पूजा की सुविधा शुरू की गई है। इसमें […]
  • हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है। वहीं सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है। इसदिन विधिविधान से भोलेनाथ की पूजा करने का विधान है। सोमवार को 'ओम नम: शिवाय' मंत्र का जाप करने का विशेष महत्व होता है। इससे जातक को शिवजी की कृपा प्राप्त होती है और जातक को जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। लेकिन […]
  • स्वर्णगिरी वेंकेटेश्वर स्वामी मंदिर को यदाद्री तिरुमला देवस्थानम भी कहा जाता है। तेलंगाना के भुवनगिरी में यह मंदिर मानेपल्ली हिल्स पर बना है। स्वर्णगिरि वेकेंटेश्वर स्वामी मंदिर हैदराबाद से करीब 47.3 किमी दूर है। इस मंदिर को 22 एकड़ जमीन पर बनाया गया है। जिस पहाड़ी पर यह मंदिर बनाया गया है, उसको स्वर्णगिरि नाम दिया है। इस मंदिर की डिजाइन में विजयनगर, पल्लव, चोल और चालुक्य साम्राज्यों की वास्तुकला […]
  • दुर्गा शतनाम स्तोत्र के स्मरणमात्र से ही जीव जीवनमुक्त हो जाता है। वहीं दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। श्रीदुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्त्रोत का पाठ करने से जातक के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है। श्रीदुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्त्रोत श्री दुर्गा सप्तशती के मंगलाचरण मंत्रों में से एक है। इस स्त्रोत में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के उपाय बताए गए हैं। […]
  • गंगा नदी के किनारे बसा वाराणसी एक बेहद खूबसूरत शहर है। वाराणसी को भगवान शिव की नगरी भी कहा जाता है। क्योंकि यहां के कण-कण में महादेव का वास है। वाराणसी का काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग पूरे विश्व में फेमस है। वाराणसी अपने विशाल मंदिरों, घाटों और अन्य लोकप्रिय स्थानों के कारण फेमस है।  यहां पर हर साल लाखों की संख्या में लोग आते हैं। वाराणसी सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि […]
  • शिरडी एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जोकि महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है। दूर-दूर तक शिरडी के साईं की प्रसिद्धि है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु साईं बाबा के दर्शन के लिए आते हैं। वहीं जो लोग पहली बार शिरडी जाने का प्लान कर रहे होते हैं, उनके दिमाग में तरह-तरह के सवाल आते हैं। ऐसे में अगर आपके जहन में भी यह सवाल आ रहे हैं […]

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